भात-भात कहते हुए मरने वाली संतोषी का केस SC में: सीजेआई बोले- देश में 3 करोड़ राशन कार्ड रद्द, भूख से लोगों का मरना गंभीर; चार सप्ताह में जवाब दे केंद्र सरकार


  • Hindi News
  • National
  • CJI Said 3 Crore Ration Cards Canceled In The Country, People Dying Of Hunger Are Serious; Santoshi CASE IN SC Who Died Saying Bhat bhat In JHARKHAND

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली/झारखंड7 मिनट पहलेलेखक: विष्णु शर्मा

  • कॉपी लिंक

देशभर में आधार कार्ड से लिंक न करने पर 3 करोड़ के करीब राशन कार्ड रद्द करने व इस वजह से भुखमरी से हुई मौतों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। (फाइल फोटो)

  • मां का आरोप- भात-भात कहते मर गई थी 10 साल की बच्ची
  • आधार लिंक न होने से नहीं मिला था सिमडेगा की संताेषी को राशन

आधार कार्ड से लिंक न हाेने पर तीन कराेड़ से ज्यादा राशन कार्ड रद्द करने और इसकी वजह से भुखमरी से हुई माैताें का मामला सुप्रीम काेर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम काेर्ट के चीफ जस्टिस एसए बाेबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार काे इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। काेर्ट ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए केंद्र सरकार काे नाेटिस जारी किया। केंद्र से चार सप्ताह में जवाब देने काे कहा है।

यह जनहित याचिका सिमडेगा के जलडेगा प्रखंड के कारीमाटी गांव की काेइली देवी ने दायर की है। काेइली देवी का आराेप है कि आधार से लिंक न हाेने के कारण उन्हें राशन कार्ड पर राशन नहीं मिल रहा था। इससे भुखमरी की स्थिति पैदा हाे गई। उनकी 10 साल की बेटी संताेषी ने भात-भात कहते हुए जान दे दी।

शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील काेलीन गाेंजाल्विस ने कहा कि केंद्र सरकार ने राशन कार्ड काे आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य किया था। विभिन्न राज्याें में आधार से लिंक न हाेने से करीब 3 कराेड़ परिवाराें के राशन कार्ड रद्द कर दिए गए। इसके चलते आदिवासियाें काे राशन कार्ड नहीं मिल रहे हैं। इससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गाैरतलब है कि केंद्र के आदेश के बाद 2017 में तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के निर्देश पर राज्य में वैसे राशन कार्ड पर राशन देना बंद कर दिया गया, जाे आधार से लिंक नहीं थे। तत्कालीन खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने भी इसका विराेध किया था। हालांकि राज्य सरकार ने तत्कालीन सिमडेगा डीसी मंजूनाथ भजंत्री की रिपाेर्ट पर कहा कि बच्ची की माैत भूख से नहीं, मलेरिया से हुई है।

संताेषी के घर से ग्राउंड रिपाेर्ट : नमक-भात का इंतजाम तो हो गया, गैस सिलेंडर मिला है पर भरवाने के पैसे नहीं…

बानो/ सिमडेगा. सिमडेगा के कारीमाटी गांव में 28 सितंबर 2017 काे 10 साल की संताेषी कुमारी की माैत हाे गई थी। सरकार ने जांच के बाद कहा था कि बच्ची की माैत भूख से नहीं, बीमारी के कारण हुई है। हालांकि सरकार ने पीड़ित परिवार काे आवास समेत अन्य जरूरी मदद देने की बात कही थी। घटना के साढ़े तीन साल बाद दैनिक भास्कर पीड़ित परिवार का हाल जानने घर पहुंचा।

मृतका संतोषी

मृतका संतोषी

संताेषी की मां काेइली देवी, उनका मानसिक रूप से बीमार पति और दाे बच्चे पुरानी हालत मे ही मिले। परिवार काे राशन ताे मिल रहा है, लेकिन उनकी एक एकड़ जमीन पर खेती-बाड़ी नहीं हाे पाती, क्याेंकि सिंचाई की सुविधा नहीं है।

झोपड़ीनुमा घर में संतोषी की मां कोइली देवी और उसकी दादी।

झोपड़ीनुमा घर में संतोषी की मां कोइली देवी और उसकी दादी।

वह मजदूरी करके 10 साल की बेटी चांदाे और सात साल के बेटे शंकर की परवरिश करती हैं। घर मे बूढ़ी मां और दिमागी रूप से कमजोर पति हैं। बेटी चांदो स्कूल नहीं जाना चाहती। बेटे की पढ़ाई शुरू ही नहीं हुई है। कोइली देवी ने कहा- नमक-भात का इंतजाम तो हो गया, लेकिन सरकार से जो गैस सिलेंडर मिला, उसे भरवाने के लिए पैसे नहीं हैं। घर देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक नहीं मिला।

खबरें और भी हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *