भास्कर पड़ताल: यूपीएससी में विवाद पैदा नहीं होते और आरपीएससी में विवाद खत्म नहीं होते, आखिर क्यों?


जयपुर3 घंटे पहलेलेखक: पूजा शर्मा

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आरपीएससी में  सदस्यों का चयन सियासी समीकरण, जाति, वर्ग इत्यादि को ध्यान में रखते हुए किया जाता है।

राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (आरपीएसी) और यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) दोनों का काम एक जैसा है, लेकिन नतीजे बिल्कुल अलग। आरपीएससी में विवाद खत्म नहीं होते और यूपीएससी में विवाद पैदा नहीं होते।

इसकी सबसे बड़ी वजह है- सदस्यों की नियुक्ति का तरीका। पूरे देश को आईएएस, आईपीएस, आईएफएस व ग्रुप बी सर्विसेस के अधिकारी देने वाले यूपीएससी में चेयरमैन और अन्य सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। और यह हर साल बिना किसी विवाद के अपनी भर्ती प्रक्रिया पूरी करता है। वहीं, आरपीएससी में सदस्यों का चयन सियासी समीकरण, जाति, वर्ग इत्यादि को ध्यान में रखते हुए किया जाता है।

यूपीएससी : हर साल सही समय पर पूरी होती है भर्ती प्रक्रिया

प्रो. प्रदीप कुमार जोशी (चेयरमैन)

  • छत्तीसगढ़ और मप्र पब्लिक सर्विस कमीशन के भी चेयरमैन रह चुके।
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन के डायरेक्टर रहे। यूनिवर्सिटीज में 28 से ज्यादा साल शिक्षण किया है।
  • केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड के पूर्व सदस्य रह चुके हैं।

1. एयर मार्शल अजीत शंकरराव भोंसले

यूपीएससी से पहले इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के ऑफिस ऑफ चीफ की जिम्मेदारी थी। वे रक्षा सेवाओं में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके।

2. सुजाता मेहता

अंडर सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी रह चुकी हैं। पीएमओ में बतौर जॉइंट सेक्रेटरी रहीं। स्पेन में भारत की राजदूत रह चुकीं। विदेश मंत्रालय में भी सेक्रेटरी रह चुकी हैं।

3. डॉ. मनोज सोनी

तीन बार वीसी रहे। पॉलिटिकल साइंस के स्कॉलर। इंटरनेशनल रिलेशंस स्टडीज में स्पेशलाइजेशन है। वे उच्च शिक्षा के कई संस्थानों में बोर्ड ऑफ गर्वनर भी रह चुके हैं।

4. डॉ. स्मिता नागराज

केंद्र और तमिलनाडु सरकार में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में 33 साल तक काम किया। भारत सरकार में रक्षा मंत्रालय, एनएससीएस व कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में सेवाएं दीं।

5. एम सत्यवती

पुदुचेरी, अरुणाचल और मिजोरम सरकार के साथ काम किया है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स, टेक्सटाइल, सिविल अंतरिक्ष व एविएशन में डेप्युटेशन पर रहीं।

6. भारत भूषण व्यास

बैंकिंग व प्रशासनिक सेवा का कुल 38 वर्ष अनुभव है। सिविल सर्विस में प्रधानमंत्री पुरस्कार मिला। जम्मू की रोजगार योजनाओं में खास योगदान रहा।

7. डॉ. टीसीए अनंत

डीयू के दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में हेड ऑफ डिपार्टमेंट रह चुके हैं। कई मंत्रालयों की विशेषज्ञ कमेटी में थे। मिशिगन में असि. प्रोफेसर भी रहे हैं।

8. राजीव नयन चौबे

बतौर आईएएस तमिलनाडु कैडर में कई अहम पदों पर रहे। वित्त मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी रहे। नई सिविल एविएशन पॉलिसी में भूमिका।

आरपीएससी : जाति, वर्ग व राजनीित को देखकर सदस्यों का चुनाव किया जाता है

आरपीएससी : भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में कई साल लगते हैं

डाॅ. भूपिंदर सिंह (चेयरमैन)

राजस्थान के पूर्व डीजीपी रहे। पूर्व आईपीएस होने के साथ-साथ एमबीबीएस व एमए इन इंग्लिश लिटरेचर भी हैं। अक्टूबर 2020 में आरपीएससी चेयरमैन बने। पुलिस सेवा से आयोग में आने वाले छठे अधिकारी हैं। सीएम गहलोत के विश्वासपात्र अफसरों में एक हैं।

डॉ. शिव सिंह राठौड़

पूर्व सीएम वसुंधरा ने इन्हें प्राथमिकता दी थी। आरपीएससी की वेबसाइट पर शिव सिंह के पूर्व पेशे में सेल्फ एम्पलाॅयड लिखा हुआ है। राठौड़ राजपूत समुदाय से आते हैं।

राजकुमारी गुर्जर

गत भाजपा सरकार में सदस्य हुईं। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव व प्रदेश उपाध्यक्ष रहीं। पिता उमराव पूर्व में बीजेपी विधायक रहे हैं। पति रिटायर्ड आईपीएस हैं।

रामू राम रायका

पूर्व सीएम वंसुधरा राजे के कार्यकाल में नियुक्ति हुई। जॉइंट डायरेक्टर, कॉलेज एजुकेशन व नागौर के एक सरकारी कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल रहे। वे रायका समुदाय से हैं।

डॉ. संगीता आर्य

प्रदेश के मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी हैं। अनुसूचित जाति वर्ग को ध्यान में रखते हुए सदस्य बनीं। राजस्थान संगीत संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी हैं।

जसवंत सिंह राठी

फ्रीलांस जर्नलिस्ट रहे हैं। जनरल कैटेगरी में सदस्य बने। सीएम गहलोत उनकी पुस्तक का विमोचन कर चुके हैं। इस मौके पर कई मंत्री भी उपस्थित थे।

बाबूलाल कटारा

डूंगरपुर के मालपुर गांव के निवासी कटारा जनजाति अंचल से हैं। एसटी वर्ग को ध्यान में रखकर सदस्य बनाया। अर्थशास्त्र के व्याख्याता रह चुके हैं।

डॉ. मंजू शर्मा

कवि डॉ. कुमार विश्वास की पत्नी हैं। ओबीसी कोटे के तहत सदस्य बनाई गईं। पहले माली समाज से थीं। कुमार से शादी के बाद सरनेम शर्मा हुआ।

शुभम चौधरी

इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट में जॉइंट सेक्रेटरी रह चुके। कई वरिष्ठ सरकारी पदों पर सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वे आयोग में सेक्रेटरी पद पर नियुक्त हैं।

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