भास्कर पड़ताल: राजस्थान में लगातार बढ़ रहे हैं महिलाओं पर अपराध, जनवरी में रेप की घटनाएं 26% बढ़ गईं, न्याय मिलने में भी देरी, 57 पॉक्सो कोर्ट में 6,800 केस पेंडिंग


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जयपुर7 मिनट पहलेलेखक: राजेंद्र गौतम

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राजस्थान के जयपुर और काेटा में महिलाओं से दरिंदगी की घटनाएं तो महज बानगी हैं। यहां न केवल महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं बल्कि नाबालिग लड़कियों को इंसाफ मिलना भी दूभर है। दिसंबर 2020 के मुकाबले जनवरी 2021 में राजस्थान में रेप की घटनाओं में 26% की वृद्धि दर्ज की गई है।

पिछले साल की तुलना में इस बार जनवरी के 30 दिन में महिलाओं से दरिंदगी के 107 मामले ज्यादा सामने आए। जनवरी 2021 में रेप के 519 केस दर्ज किए गए, जबकि दिसंबर 2020 में 412 दर्ज हुए थे। जनवरी 2021 में दर्ज मामलाें में पुलिस ने 21 काे गलत माना है, जबकि 15 मेें चालान पेश किया है। बाकी 483 मामलों की जांच पेंडिंग है। जिन मामलों में पुलिस चालान पेश कर भी रही है तो उनमें न्याय बहुत धीमा है।

प्रदेश की 57 पॉक्सो कोर्ट में 6,800 केस पेंडिंग हैं। इनमें भी जयपुर महानगर की मेट्रो-1 और 2 की पॉक्सो और जिला पॉक्सो कोर्ट में 692 केस पेंडिंग हैं। प्रदेश की पॉक्सो कोर्ट में 3 महीने में करीब 1,200 से 1,400 फैसले होते हैं। वहीं, राज्य सरकार पॉक्सो कोर्ट के लिए सालाना करीब 40 करोड़ रुपए खर्च करती है। आंकड़ों पर ही गौर करें तो महिलाओं से रेप में जयपुर रेंज अव्वल है। जयपुर रेंज में 2020 में रेप के 880 केस दर्ज हुए, इनमें से 349 में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगाई गई।

जयपुर रेंज में भी अलवर जिले में 216 और जयपुर कमिश्नरेट में 409 मामले सामने आए। वहीं अजमेर रेंज में 208, भरतपुर रेंज में 585, बीकानेर रेंज में 678 मामले, काेटा रेंज में 591, जाेधपुर रेंज में 674 (जाेधपुर कमिश्नरेट में 108) और उदयपुर रेंज में 744 केस दर्ज किए गए।

राजस्थान में 4 साल में रेप के मामले

भास्कर के सवालों पर DGP एमएल लाठर के जवाब

झुुंझुनूं जैसे हर मामले में जल्द न्याय क्यों नहीं हाेता?
न्याय के लिए पुलिस को अभियाेजन, FSL और कोर्ट का सहयाेग चाहिए। फरवरी में रेप के मामले कम हुए हैं।

जनवरी में रेप के मामले 26% कैसे बढ़ गए?
फरवरी में यह आंकड़ा कम हुआ है। मामले भी दर्ज हो रहे हैं। जाे भी पीड़ित थाने आता है उसका मामला दर्ज कर जांच करते हैं।

एक्सपर्ट्स ने कहा- गंभीर केसाें में रोजाना हो सुनवाई
सरकार के स्तर पर:
रेप और पॉक्सो से जुड़े केसों में अभियोजन जल्द कार्रवाई करें। गवाहों के बयान जल्द दर्ज कराएं। जरूरत हो तो रेप और पॉक्सो केस के लिए अलग से अभियोजन विभाग गठित हो। 12 साल से कम उम वाले मामलों को स्पेशल केस स्कीम में शामिल करें।
पुलिस के स्तर पर: रेप और पॉक्सो केसों में जांच जल्द करें। 10 दिन में चालान कोर्ट में पेश करें।

कोर्ट के स्तर पर: जल्द ट्रायल करें। अभियोजन और बचाव पक्ष के बयान जल्द दर्ज करवाएं। इन केसों में फैसले की समय सीमा तय हो।

एक्सपर्ट

  • हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस पानाचंद जैन
  • पॉक्सो मामलों में लोक अभियोजक महावीर सिंह किसनावत
  • आपराधिक केसों के अधिवक्ता दीपक चौहान और डॉ. योगेश गुप्ता

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