भास्कर स्टिंग: जिसका आधार कार्ड उसे पता ही नहीं और बैंक ने खोल दिया खाता, लाखों का लोन देने को तैयार; गुजरात में ऐसे कई गैंग सक्रिय


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सूरत43 मिनट पहलेलेखक: अनूप मिश्रा

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ऐसे विज्ञापनों से लुभा रहे।

  • सोशल साइट पर ऐसे विज्ञापन भरे पड़े हैं जो इस तरह लोन दे रहे हैं
  • भास्कर ने खुलवाया खाता, लोन देने को पीछे पड़ी फाइनेंस कंपनी

आपके दस्तावेज अगर भूलवश भी किसी के हाथ लग जाए तो वो कितने खतरनाक हो सकते हैं आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं। आप के नाम से फेक अकाउंट खुल सकता है और फिर उसी अकाउंट के आधार पर लोन भी लिए जा सकते हैं। यही नहीं आपके अकाउंट में करोड़ों के लेने-देन हो गए तो आप आईटी डिपार्टमेंट के रडार पर भी आ सकते हैं।

दैनिक भास्कर ने ऐसे ही फेक अकाउंट खोलने वाले विभिन्न बैंकों के एजेंट और फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों का स्टिंग किया तो बड़ी आसानी से वो अकाउंट खोलने और लोन देने को भी राजी हो गए। गौर करने वाली बात यह है कि ये एजेंट बिना किसी वैरिफिकेशन के किसी के भी आधार कार्ड और पैन कार्ड से यह खेल कर रहे हैं। बैंक भी बिना जांचें सिर्फ ज्यादा से ज्यादा ग्राहक बनाने के चक्कर में ऐसे एजेंटों के बैंक अकाउंट को खाेल दे रहे हैं।

वहीं फाइनेंस कंपनियों से जुड़े एजेंट भी बिना संबंधित व्यक्ति का वैरिफिकेशन किए लोन देने को तैयार हो गए। इस खेल में बैंक और फाइनेंस कंपनियां फर्जी मोबाइल नंबर पर ओटीपी लेकर इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं। जबकि प्रक्रिया ये है कि बैंक और फाइनेंस कंपनियों को फिजिकली वैरिफिकेशन के बगैर न तो बैंक अकाउंट खोलना है और न ही लोन देना है।

आदमी न हो तो चलेगा, पर मो. नंबर ऐसा जो बैंक से लिंक हो क्योंकि ओटीपी उसी पर आएगा

रिपोर्टर: हैलो, मुझे मेरे कारीगरों का बैंक अकाउंट खुलवाना है, हो जाएगा?
एजेंट: ठीक है, लेकिन संबंधित व्यक्ति को बैंकं आना हाेगा, दस्तावेज भी चाहिए।

रिपोर्टर: दस्तावेज तो मिल जाएगा, लेकिन व्यक्ति नहीं आ पाएगा।
एजेंट: नहीं,ऐसा संभव नहीं है। उसके बिना खाता नहीं खुल पाएगा।

रिपोर्टर: सॉरी, वो नहीं आ पाएगा। कुछ मदद कर सकते हो तो करिए।
एजेंट: ठीक है, आधारकार्ड का ओटीपी भेज देना, मैं करवा दूंगा, लेकिन एटीएम, चेक बुक घर पर मंगाने के लिए 180 रुपए देना पड़ेगा।

रिपोर्टर: ठीक है चलेगा।
एजेंट: आप वाट्सएप के माध्यम से सभी दस्तावेज भेज दीजिए, मैं देख लूंगा।

रिपोर्टर: ठीक है मैं भेज दूंगा।
एजेंट: लेकिन उनका मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देना होगा।

रिपोर्टर: मोबाइल नंबर और मेल आईडी हमारा ही दे दीजिए।
एजेंट: कोई बात नहीं चलेगा, लेकिन किसी को इसकी जानकारी नहीं होनी चाहिए और बैंक से फोन आए तो आप बात कर लेना।

रिपोर्टर: ठीक है मैं देख लूंगा।
एजेंट: फिर ठीक है बैंक अकाउंट 10 मिनट में खुल जाएगा।

रिपोर्टर: एटीएम चेक बुक के लिए क्या करना होगा?
एजेंट: नजदीकी कोटक महिंद्रा बैंक की ब्रांच में जाकर अपना करंट रेसिडेंसियल दस्तावेज देना होगा और सभी चेक बुक और एटीएम आपके पते पर आ जाएगा।

नोट: बैंक के लिए काम करने वाले एक एजेंट ने कमीशन के चक्कर में बैंक अकाउंट खोलने को तैयार हो गया। उसने यह जरूर कहा कि हमारे बीच जो बातचीत हुई है वो बैंक को नहीं पता चलना चाहिए। बैंक से फोन आएगा तो आप डील कर लेना।

बातचीत

बस आधार कार्ड दे दो, 2 लाख तक का लोन दे देंगे, आपको भी कमीशन मिल जाएगा

रिपोर्टर: हैलो, मुझे लोन चाहिए, मिलेगा?
एजेंट: हां, कितने का लोन लेना है?

रिपोर्टर: कितने का मिलेगा?
एजेंट: 2 लाख तक का, लेकिन आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट और निवास स्थान का प्रूफ चाहिए।

रिपोर्टर: पैन और आधार कार्ड तो मिल जाएगा, बाकी दस्तावेज नहीं हो पाएगा, क्योंकि जिन्हें लेना है उनका अकाउंट नया है।
एजेंट: उसके बिना लोन मुश्किल होगा।

रिपोर्टर: कोई बात नहीं। मेरा एक दोस्त था जो लोन करा देता था, इसलिए मुझे लगा आप भी करा देंगे।
एजेंट: थोड़ा रुक कर! आपने भी ये काम किया है, फिर आपको पता ही होगा।

रिपोर्टर: हां, लेकिन अभी आप मना कर रहे तो दबाव नहीं बना सकता।
एजेंट: ऐसा नहीं है जो है वही बता रहा हूं।

रिपोर्टर: तो आपको कुछ कमीशन चाहिए तो बोल दो, मैं दूसरे को देता था।
एजेंट: ठीक है चलो हो जाएगा।

रिपोर्टर: तो अभी आधार कार्ड पर काम हो जाएगा क्या?
एजेंट: हां, हो जाएगा, लेकिन पैन कार्ड भी चाहिए। आदमी नहीं होगा तो चलेगा कोई दिक्कत नहीं है। सिर्फ बैंक से जो मोबाइल नंबर लिंक है उसमें एक ओटीपी आएगा वो दे देना।
रिपोर्टर: ठीक है तो उसको कितना बोल दू आपका कमीशन?

एजेंट: आपको भी चाहिए उसमें से तो 2 हजार अगर नहीं तो मुझे 1 हजार दे देना।
रिपोर्टर: ठीक है, लोन कितना हो जाएगा।

नोट: फाइनेंस कंपनी के एजेंट ने लोन देने के लिए कई बार दस्तावेज मांगे, लेकिन जरूरत नहीं होने से लोन नहीं करवाया गया। बता दें कि सभी एजेंट बैंक के कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि फाइनेंस कंपनी से जुड़े हुए हैं। एक तो जयपुर में बैठकर सूरत में लोन देने को तैयार हो गया।

इन दो केसों से समझिए यह कितना खतरनाक है

केस:1- सूरत के सहरा दरवाजा की रहने वाली ललिता संजय चौबे ने रांदेर थाने में मामला दर्ज करवाया है कि उनका आईडीबीआई बैंक में खाता खोलकर उसने करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया, जबकि जिस ब्रांच में खाता है वहां वो कभी गई नहीं और ना उन्होंने खाता खुलवाया है।

केस: 2- सचिन में शतीश शर्मा नामक व्यक्ति के साथ उसके कुल 14 लोगों का बैंक अकाउंट खोल दिया था जिसमें जिस व्यक्ति के नाम का बैंक खाता था उसे पता ही नहीं और करोड़ों के ट्रांजेक्शन हो गए। जीएसटी ने खाता धारक को नोटिस भेजा तो तब खुलासा हुआ। शिकायतकर्ता चाय की लारी है।

…और 10 मिनट में बैंक अकाउंट खुल गया| एजेंट से बात करने के बाद उसने बैंक खाते की सभी जानकारी हमें भेज दी, जिसमें नाम हमारी तरफ से भेजे हुए व्यक्ति का था। जिससे ना तो वह मिला था और ना ही उसे जानता था। उसने कहा कि और भी कोई हो तो बताना उसका भी हो जाएगा, लेकिन मोबाइल दूसरा चाहिए।

इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने में इस तरह के लोन ज्यादा पास होते हैं

सूरत में कई मामले ऐसे दर्ज हैं। जहां पर आरोपियों ने दूसरे के आधार कार्ड का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रानिक्स की दुकानों में जाकर लोन ले लिया है। पांडेसरा थाने में दर्ज एक शिकायत के मुताबिक आरोपी ने आधार कार्ड पर कई इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान खरीद लिए। लोन नहीं भरा तो कंपनी ने उसे नोटिस भेजा तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

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