ममता के दावों पर केंद्र का जवाब: ममता पहले प्रधानमंत्री की मीटंग के लिए राजी हुईं, फिर बायकॉट किया; प्रोटोकॉल तोड़ा और PM को इंतजार कराया


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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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केंद्र ने कहा- ममता ने मीटिंग के बायकॉट का फैसला इसलिए किया, क्योंकि इस मीटिंग में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी मौजूद थे। -फाइल फोटो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बंगाल में हुई समीक्षा बैठक को लेकर शुरू हुई केंद्र और ममता सरकार की लड़ाई बढ़ती जा रही है। ममता बनर्जी ने बैठक को लेकर कई दावे किए थे। ममता ने कहा था कि मीटिंग के बारे में देरी से पता चला और प्रधानमंत्री ने उन्हें इंतजार करवाया। इन सारे दावों पर केंद्र सरकार ने ममता बनर्जी को लंबाचौड़ा जवाब भेजा है।

केंद्र ने कहा कि ममता पहले इस रिव्यू मीटिंग के लिए राजी थीं, लेकिन बाद में उन्होंने इसका बायकॉट किया। ममता को प्रधानमंत्री ने नहीं, बल्कि ममता ने प्रधानमंत्री को इंतजार करवाया था। न्यूज वेबसाइट एनडीटीवी ने सरकारी सूत्रों के हवाले से दी गई एक रिपोर्ट में इन बातों का जिक्र किया है।

ममता के दावे और केंद्र के जवाब..

दावा: मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी एक और मीटिंग हैं। उन्होंने उस मीटिंग में जाने से पहले प्रधानमंत्री की इजाजत मांगी।

जवाब: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी को रिव्यू मीटिंग छोड़कर जाने के लिए इजाजत कभी नहीं दी थी।

दावा: प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बारे में देर से जानकारी दी गई।

जवाब: अगर तूफान से हुई तबाही की समीक्षा के लिए कोई बैठक होनी है तो तूफान आने के पहले तो इसका समय तय नहीं किया जा सकता है।

दावा: प्रधानमंत्री की वजह से मजबूरन इंतजार करना पड़ा।

जवाब: ममता कह रही हैं कि उनका हेलिकॉप्टर 20 मिनट तक हवा में उड़ता रहा, क्योंकि प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर कलाईकुंडा एयरफोर्स बेस पर उतरना था। ऐसे में ममता बनर्जी को पहले ही आ जाना चाहिए था, जैसा प्रधानमंत्री के आने की स्थिति में सभी लोग करते हैं। प्रधानमंत्री कलाईकुंडा में दोपहर 1.59 बजे उतरे थे। ममता का हेलिकॉप्टर 2.10 बजे लैंड हुआ। इससे साफ होता है कि प्रधानमंत्री को ममता का इंतजार करना पड़ा, क्योंकि वो ममता से काफी पहले आ चुके थे। ये बात तृणमूल के एक सांसद के ट्वीट से भी साबित होती है। जिन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री का इंतजार करना कोई बड़ी बात नहीं है।

ममता कलाईकुंडा बेस पर उतरने के बाद सीधे 500 मीटर दूर उस इमारत में गईं, जहां मीटिंग होनी थी। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद वो 2.35 बजे अपनी अगली यात्रा पर निकल गईं यानी केवल 25 मिनट रुकीं। वो प्रधानमंत्री के जाने से पहले ही निकल गईं। यहां भी उन्होंने सामान्य प्रक्रिया और प्रोटोकॉल को तोड़ा। ऐसे में उनका ये कहना कि प्रधानमंत्री ने उन्हें इंतजार करवाया, पूरी तरह से झूठ है। उन्होंने प्रधानमंत्री को इंतजार कराया है।

शुभेंदु की वजह से ममता ने मीटिंग का बायकॉट किया- केंद्र
ममता ने मीटिंग के बायकॉट का फैसला इसलिए किया, क्योंकि इस मीटिंग में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी मौजूद थे। केंद्र सरकार ने इस पर कोई विवाद नहीं खड़ा किया, क्योंकि मामला तूफान प्रभावितों को मदद पहुंचाने से जुड़ा था। ममता को बताया गया था कि प्रधानमंत्री रिव्यू मीटिंग के तुरंत बाद मुलाकात करेंगे और इसीलिए वो बंगाल गए भी थे। ऐसे में ममता को लगा कि उन्हें रिव्यू मीटिंग तक प्रधानमंत्री का इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने दूसरे अधिकारियों को भी मीटिंग में जाने से रोक दिया। बाद में इस मीटिंग में जाने का प्लान भी कैंसल कर दिया।

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