महाकाल परिसर में मिले प्राचीन मंदिर के अवशेष: वेटिंग हॉल के लिए खुदाई के दौरान 800 साल पुरानी मूर्तियां और पत्थर निकले, इल्तुतमिश ने हमले में इन्हें तोड़ा था



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  • During The Excavation Of The Waiting Hall Being Built In Ujjain, The Architectural Sections Of The Temple Of 1232 Were Found, Kept Safe In The Food Area.

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उज्जैन42 मिनट पहले

महाकाल मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान मिली मूर्ति।

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के विस्तारीकरण के लिए मंदिर के 500 मीटर के दायरे में तेजी से खुदाई की जा रही हैं। खुदाई के दौरान एक बार फिर सैकड़ों साल पुराने मंदिर के अवशेष मिले है। इसमें दुर्गा मूर्ति के अलावा पुराने मंदिर को बनाने में इस्तेमाल हुए पत्थर के टुकड़े शामिल हैं। इससे पहले दिसंबर 2019 में भी 1000 साल पुराने शिलालेख मिले थे।

इस बार मिली मूर्तियां भी 700 से 1000 साल पुरानी बताई जा रही है। इन्हें फिलहाल मंदिर के अन्न क्षेत्र में रखवाया गया है। सोमवार को मिले अवशेषों के बार में जानकारी देते हुए इतिहासकार रमण सोलंकी ने बताया कि खुदाई में मिले स्थापत्य खंड किसी मंदिर के हैं। सैकड़ों की संख्या में मिले इन पीसेस को सहेजना होगा।

दिल्ली के सुल्तान ने मंदिर तोड़ने की कोशिश की थी
पुरातत्वविद डॉ रमण सोलंकी ने बताया कि महाकाल मंदिर में पहले भी 1000 साल पुराने परमारकालीन अवशेष मिले थे। इस बार खुदाई के दौरान मंदिर के स्थापत्य खंड मिले हैं। इन्हें देखकर पता चलता है कि ये भी परमारकालीन है। ये अवशेष करीब सन 1232 के हैं, जब दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश ने उज्जैन पर हमला किया था। उसने मंदिर को भी नुकसान पहुंचाया था। जो अवशेष मिले हैं, उससे पता चलता है कि मूर्तियों को घन और हथोड़े से तोड़ा गया था। चूंकि मूर्तियां और पत्थर सहज रूप से नहीं टूटे हैं, इसलिए संभव है कि दिल्ली के सुलतान ने हमले में इन्हें तोड़ा हो।

5 करोड़ की लागत से बन रहा वेटिंग हॉल
महाकाल मंदिर के सामने वाले हिस्से में 5 करोड़ रुपए की लागत से वेटिंग हॉल निर्माण कार्य चल रहा है। उसी जगह पर दूसरी बार मूर्तियां और अवशेष मिले है। पुरातत्वविदों ने काम को धीरे-धीरे कराने की सलाह दी है, ताकि प्राचीन अवशेषों को सहेज कर रखा जा सके।

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