महामारी के बीच राहत: GST काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री का ऐलान- ब्लैक फंगस की दवा के इंपोर्ट पर छूट 31 अक्टूबर तक बढ़ी


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मुंबई17 मिनट पहले

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कोरोना महामारी की जानलेवा दूसरी लहर के बीच शुक्रवार को GST काउंसिल की 43वीं बैठक खत्म हुई। इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और सीनियर अफसरों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में यह मीटिंग करीब 7 महीने के बाद हुई। अंतिम बार काउंसिल की बैठक पिछले साल अक्टूबर में हुई थी।

मीटिंग में केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि हमने GST काउंसिल की मीटिंग में बहुत डीटेल्ड चर्चा की। जिसमें कोविड राहत आइटम्स के इंपोर्ट पर छूट देने का फैसला लिया गया है। इस छूट को 31 अगस्त 2021 तक बढ़ाए जाने का फैसला भी लिया जा रहा है। इसके अलावा ब्लैक फंगस की मेडिसिन एंफोटोरेशिन (Amphotericin) B के इंपोर्ट पर छूट भी 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।

कोविड संबंधी इक्विपमेंट्स पर टैक्स रियायतें
सीतारमण ने कहा कि कोविड से संबंधित इक्विपमेंट पर भी चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड से जुड़ी राहत आइटम्स पर गई टैक्स रियायतों और इनके आयात पर IGST छूट को 31 अगस्त 2021 तक बढ़ा दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई खास बातें …

  • छोटे करदाताओं यानी जिनका टर्नओवर 2 करोड़ रुपए से कम है, उनके लिए के लिए एनुअल रिटर्न फाइलिंग फाइनेंशियल इयर 2020-21 के लिए वैकल्पिक बनी रहेगी। जबकि जिन कारोबारियों का टर्नओवर 5 करोड़ या इससे ज्यादा है, उन्हें फाइनेंशियल इयर 2020-21 के लिए रिकॉन्सिलेशन स्टेटमेंट देना होगा।
  • GST कंपनसेशन पर इस बार भी पिछले साल जैसा ही फॉर्मूला अपनाया जाएगा। ऐसे में संभव है कि केंद्र सरकार को करीब 1.58 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज ले सकती है।
  • एनुअल रिटर्न फाइलिंग को भी सिंपल बनाया गया है। इसके तहत CGST एक्ट में बदलाव कर रीकंसीलिएशन स्टेटमेंट के सेल्फ सर्टिफिकेशन की इजाजत दिया जाएगा।
  • वैक्सीन बनाने वाली दो कंपनियों को सरकार ने एडवांस पेमेंट के तौर पर 4,500 करोड़ रुपए दिए। साथ ही जापान और यूरोप की वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों और सप्लायर्स के साथ भी बातचीत जारी है, जिससे आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है।
  • अब टैक्सपेयर्स पेंडिंग रिटर्न फाइल कर सकते हैं। कम हुई लेट फीस के साथ एमनेस्टी स्कीम का फायदा भी उठा सकते हैं। सरकार ने लेट फीस को लेकर एक नई व्यवस्था की है। छोटे टैक्सपेयर्स के लिए अधिकतम लेट फीस में कटौती की है, जो अगले टैक्स पीरियड से लागू होगी। ऐसे में छोटे टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिल सकती है।
  • काउंसिल ने इनवर्जन ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया है। इसे जस का तस रखा जाएगा।
  • बैठक में एक मंत्रियों का ग्रुप बनाने का फैसला लिया गया, जो 8 जून से पहले 10 दिन के अंदर एक रिपोर्ट देगा कि जो रेट तय किए गए हैं, उनमें और कटौती की गुंजाइश है या नहीं। इसमें स्थिति के हिसाब से कटौती की जाएगी।

ऑक्सीजन पर टैक्स घटाने तैयार नहीं हुए राज्य

बैठक से पहले यह उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकार मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन, पल्स ऑक्सीमीटर और कोविड टेस्टिंग किट पर टैक्स दर 12% से घटाकर 5% कर सकती है। लेकिन भाजपा शासित राज्यों के कई वित्तमंत्रियों ने इस पर सहमति नहीं जताई। वहीं, दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया, पंजाब, बंगाल, केरल आदि कई राज्यों ने मीटिंग में दरें घटाने की सफारिश की।

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