मानव तस्करी: मेटगुड़ा की नाबालिग को 2 लाख में बेचा, सालभर शोषण, बच्चा हुआ तो उसे रखकर युवती को छोड़ा


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जगदलपुर6 घंटे पहले

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पुलिस अभिरक्षा में दोनों आरोपी।

  • शादी का झांसा देकर रायपुर की 2 महिलाओं ने किया सौदा, 1 महिला और खरीदार युवक गिरफ्तार
  • रायपुर की रहने वाली आरोपी पहले से जेल में, मध्यप्रदेश के रायसेन निवासी युवक को बेचा था

शादी के नाम पर लड़की की खरीदी-बिक्री और फिर लड़की से बच्चा पैदा करवाने के बाद उसे छोड़ने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने जगदलपुर के नयामुंडा में रहने वाली सेफाली और मध्यप्रदेश के रायसेन के रहने वाले केशव सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले में रायपुर के गुढ़ियारी में रहने वाली महिला ममता अग्रवाल को भी आरोपी बनाया गया है वह पहले से ही ऐसे ही मामले में जेल में बंद है। कोतवाली टीआई एमन साहू ने बताया कि जगदलपुर की मेटगुड़ा में रहने वाली एक युवती ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि कुछ समय पहले सेफाली, ममता और केशव उससे मिले थे। इस दौरान उन्होंने उसे बताया कि उसकी शादी केशव से करवाई जा रही है।

इनकी बातों में आकर युवती इनके चक्कर में फंस गई और फिर परिजन को बिना बताए ही इनके साथ रायपुर चली गई। यहां रायपुर में सभी ममता अग्रवाल के घर रुके। इसके बाद युवती को केशव अपने साथ रायसेन लेकर चला गया।

केशव अक्सर युवती को कहता था कि वह उसे दो लाख रुपए में खरीदकर लाया है इस बीच युवती गर्भवती हो गई और एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के बाद केशव युवती को रायपुर में ममता अग्रवाल के घर छोड़ गया और बच्चे के साथ खुद फरार हो गया। युवती जैसे-तैसे जगदलपुर पहुंची और मामले की शिकायत पुलिस में की।

इसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया और सेफाली की गिरफ्तारी की गई। इसके बाद टीम को मध्यप्रदेश के रायसेन भेजा गया जहां से केशव की गिरफ्तारी हुई। वहीं ममता पहले से ही जेल में बंद है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद इन्हें न्याययिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

पीड़ित के बच्चे की तलाश में जुटी पुलिस
इधर मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया है लेकिन पीड़िता के बच्चे की कोई जानकारी किसी के पास नहीं है। जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है वो कह रहे है कि बच्चा उन्होंने ममता अग्रवाल को सौंप दिया है। इधर ममता पहले से ही जेल में बंद है।

बस्तर में पहली बार मानव तस्करी का मामला दर्ज
इधर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 376, 493, 370, 109, 34 के तहत अपराध दर्ज किया है। इनमें धारा 370 मानव तस्करी से जुड़ी धारा है। इस धारा का आशय दास के रूप में किसी व्यक्ति को खरीदना या बेचने से है। बस्तर जिले ने पहली बार इस तरह के मामले में ऐसी कार्रवाई की।

बच्चियों की बिक्री का रैकेट चला रहे, बस्तर से बच्चियों को ले जाकर मध्यप्रदेश में बेच रहे
इधर मेटगुड़ा की लड़की को दो लाख रुपए में बेचे जाने के मामले में मास्टरमाइंड रायपुर निवासी ममता अग्रवाल को बताया जा रहा है।

ममता अग्रवाल को कुछ दिन पहले ही कोंडागांव में आदिवासी युवतियों को बेचे जाने के आरोपों में पुलिस ने गिरफ्तार किया था और उसे जेल भेज दिया गया था लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद उससे पूरी पूछताछ पुलिस ने नहीं की थी

अब मेटगुड़ा की पीड़िता के सामने आने के बाद एक बार फिर से लड़की की खरीद-फरोख्त के मामले में ममता अग्रवाल को ही आरोपी बनाया गया है।

इस घटना के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि लड़कियों की खरीद फरोख्त का पूरा रैकेट चलाया जा रहा था। ऐसा माना जा रहा है कि बस्तर संभाग के कई जिलों में इसी तरह से लड़कियों को बहला-फुसलकर शादी का झांसा देकर बेचा गया है।

इसके अलावा इस मामले में खास बात यह कि पहले भी ममता अग्रवाल पर आरोप थे कि उसने मध्यप्रदेश के मुरैना में दो आदिवासी बच्चियों को बेचा है। इस बार भी आरोप है कि उसने मध्यप्रदेश के रायसेन में रहने वाले केशव को लड़की को बेचा था। ऐसे में तार जुड़ रहे हैं कि छत्तीसगढ़ के बस्तर से आदिवासी बच्चियों और इन नाबालिगों को मध्यप्रदेश ले जाकर बेचा जा रहा है। एसपी दीपक झा ममता अग्रवाल को रिमांड में लेकर कड़ी पूछताछ करने की बात कह रहे हैं। कहा कि हम एक-दो दिनों में ममता को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेंगे।

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