मानसून आने में अभी 10 दिन का वक्त: देश के कई इलाकों में पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश, तापमान 6 से 8 डिग्री तक कम हुआ; जानें क्या है वजह


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नई दिल्ली4 मिनट पहले

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तस्वीर हरियाणा के गुरूग्राम की है। यहां तेज बारिश के बाद अचानक से पानी सड़कों पर भरा गया। इसी दौरान एक वाहन निकलता हुआ।

देश में अचानक से मौसम का मिजाज बदल गया है। कई इलाकों में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। इसमें अधिकतर उत्तरी और पश्चिमी इलाके हैं। दिल्ली में पिछले 3 दिन से बारिश जारी है। इधर, दक्षिण के कुछ राज्य केरल और कर्नाटक में भी बारिश देखने को मिल रही है। इससे तापमान 6 से 8 डिग्री तक कम हो गया है।

दरअसल, इसके पीछे की वजह अरब सागर में उठे चक्रवात ताऊते और पश्चिमी संभाग के इलाकों में हो रही बारिश को माना जा रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें कुछ बारिश प्री-मानसून की भी हो सकती है। चक्रवात के समय ही सभी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी गई थी।

इधर, मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जून के करीब मानसून केरल में दस्तक देगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून के इस साल सामान्य रहने के आसार हैं। देश में 75 प्रतिशत बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून की वजह से ही होती है।

इन राज्यों में सबसे ज्यादा असर
इसका सबसे ज्यादा असर गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तरखंड और दिल्ली में हुआ है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश के साथ कहीं कहीं ओले गिरे और तेज हवाएं भी चल रही हैं। राज्यों के कुछ हिस्सों में बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने देश के 23 राज्यों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किये है।

दिल्ली में बारिश ने सभी रिकॉर्ड तोड़े
इधर,गुरूवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 119.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने मई में बारिश के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि 1976 में 24 मई को 60 मिमी. बारिश दर्ज की गई थी। इस बार उससे दोगुनी बारिश दर्ज की गई है।

किसानों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों असर

  • इस समय होने वाली बारिश का किसानों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से असर होगा। मध्य भारत और उत्तर भारत में अभी रबी की फसल काटकर खेत खाली हैं। बारिश की वजह से खेतों में पानी भरने से नमी बढ़ेगी। किसान अभी खेतों की जुताई कर मिट्टी को हवा खाने के लिए छोड़ देंगे। इससे फसल बुबाई के समय तक मिट्टी में उर्वरकता बढ़ जाती है।
  • इसके अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पंजाब में अभी गेंहू की खरीदी चल रही है। बारिश की वजह से यह प्रभावित हुई है। वहीं कुछ किसानों, जो अपनी फसल बेचने के लिए मंडी ला चुके थे। बारिश के कारण मंडी में पानी भरने से उनकी फसल भीग गई। पानी दो-तीन दिन से लगातार बरस रहा है, जिसके चलते उनकी फसल सड़ने लगी है। मध्य प्रदेश के दमोह और राजस्थान के कुछ हिस्सों से ऐसी खबरें आई हैं।

तूफानों से लड़ने में भारत ने की है प्रगति
IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि भारत ने तूफानों से लड़ने में पिछले एक दशक में काफी प्रगति की है। सटीक पूर्वानुमानों के चलते हमने काफी तबाई होने से रोकी है। डॉ. महापात्रा आगे कहते हैं कि हमारे उपकरण और वैज्ञानिक दुनिया के विकसित देशों के मुकाबले बिल्कुल भी कम नहीं है। कई बार जापान, ऑस्ट्रेलिया, कोरिया से भी अधिक सटीक अनुमान भारतीय मौसम विभाग ने लगाए हैं। इसी का नतीजा है की पिछले साल उड़ीसा मे आए फानी तूफान का असर हमने बहुत कम कर दिया था।

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