मानसून ट्रैकर: बिहार के 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़ की वजह से पूर्वी चंपारण में 52 गांव प्रभावित; 27 जून को दिल्ली पहुंचेगा मानसून


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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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तस्वीर पटना के गंगा घाट की है। यहां जलस्तर बढ़ने की रफ्तार थम गई है। गांधीघाट पर जलस्तर में 3 cm की कमी आई है।

देश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से नदियां उफान पर है। यहां भूस्खलन की वजह से कई तरह का खतरा पैदा हो गया है। कई इलाकों में सड़कें टूटने लगी हैं। IMD के मुताबिक, दक्षिणी पश्चिम मानसून उत्तरी सीमा के कई हिस्सों से होकर गुजर रहा है। इनमें बाड़मेर, भीलवाड़ा, धोलपुर, मेरठ, अंबाला और अमृतसर शामिल हैं। आज मानसून राजस्थान, पश्चिम उत्तरप्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों में आगे बढ़ेगा।

अगले 48 घंटे बिहार के लिए खतरनाक रहने वाले हैं। IMD ने बिहार के 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले 5 दिन भारी बारिश हो सकती है। इससे पहले देश के 80% हिस्से को मानसून पहले ही कवर चुका है। 10 दिन बाद मानसून राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंच सकता है। इसके अलावा ओडिशा के 12 जिलों में 4 दिन का बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। यहां बिजली गिरने की संभावना है। 23 और 24 जून को भारी बारिश हो सकती है। इसके लिए पहले ही अलर्ट किया गया है।

लक्ष्यद्वीप, गुजरात के कई इलाके और कर्नाटक के तटीय इलाके, समेत पश्चिम बंगाल, सिक्किम, कोंकण, गोवा और केरल, पश्चिम राजस्थान, पूर्वी उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा के क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, सौराष्ट्र, कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु, पुड्डुचेरी में तूफान के साथ बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा महुवा, मंगलौर, कोहिमा, पटना, पनागढ़, गांधीनगर, वल्लभ विद्यानगर, पल्लकड़, कोड़ाईकैनल और महाबलेश्वर के हिस्सों में बारिश दर्ज की गई।

बिहार: पूर्वी चंपारण में भारी बारिश से बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित
बिहार में पूर्वी चंपारण में भारी बारिश से बाढ़ की वजह से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 52 गांवों के 45 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। NDRF, SDRF की टीमों की मदद ली जा रही है। अब तक 1154 लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। आज भी राज्य के कई इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान है। इसके अलावा मौसम विभाग ने पटना, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर सहित 27 जिलों में बारिश की भविष्यवाणी की है। बिजली गिरने के साथ हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे के बीच रहने का अनुमान है।

इधर, गंगा के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार थम गई है। गांधी घाट पर जलस्तर में 3 cm की कमी आई है। सोमवार शाम को दीघाघाट पर 47.74m, गांधीघाट पर 47.14m, हथिदह में 40.10m जलस्तर दर्ज किया गया। इससे पहले यहां का जलस्तर जलस्तर 47.59m, गांधी घाट का जलस्तर 47.15 m, हाथीदह में 39.59 m दर्ज किया गया था। खतरे के निशान से निशान दीघा घाट पर 50.45 m, गांधी घाट पर 48.60 m, हाथीदह में 41.46 m है। इधर, 24 घंटे में सोन नदी के जलस्तर में इंद्रपुरी घाट पर 66 cm, कोईलवर घाट पर 17 m, मनेर घाट पर 6 cm की बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को इंदुपुरी घाट पर जलस्तर 103.10 m, कोईलवर घाट पर 49.65 m, मनेर घाट पर 49.29 m है। 24 घंटे में पुनपुन नदी के जलस्तर में कमी आई है। पालमेरगंज घाट पर 93.44 मीटर, किंजर घाट पर 64.43 मीटर और श्रीपालपुर घाट पर 49.48 मीटर जलस्तर मापा गया था।

ये तस्वीर पटना के मोकामा की है। यहां सोमवार को डेढ़ फीट पानी पार कर घोसवारी प्रखंड के मोहनपुर गांव के मध्य विद्यालय में टीकाकरण के लिए टीम पहुंची।

ये तस्वीर पटना के मोकामा की है। यहां सोमवार को डेढ़ फीट पानी पार कर घोसवारी प्रखंड के मोहनपुर गांव के मध्य विद्यालय में टीकाकरण के लिए टीम पहुंची।

मध्यप्रदेश ; प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज सुबह से बादल छाए रहे। यहां हल्की बूंदा-बांदी भी हुई। इसके अलावा प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, शहडोल, होशंगाबाद जिलों के साथ रीवा, सागर, जबलपुर, उज्जैन संभाग के जिले शामिल हैं। शहडोल, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, होशंगाबाद में बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश को भिगोने के बाद अब मानसून उत्तरमध्य जिलों में पहुंच गया है। यहां अगले 24 घंटे में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। ग्वालियर चंबल अंचल के 8 जिले कहीं तेज तो कही हल्की बारिश हो सकती है। इससे पहले राजधानी भोपाल में पिछले 2-4 दिन से बादल छा रहे है, लेकिन बारिश नही हो रही है। 14 दिन में जून की बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन2 दिन में सिर्फ 1.2 mm बारिश दर्ज की गई है। 3 से 16 जून तक 6.68 इंच बारिश हो चुकी थी। पिछले 2 दिन में यह आंकड़ा 6.73 इंच तक ही पहुंच सका।

बादल रोज छा रहे, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। BRTS पर शाम 4.30 की तस्वीर है।

बादल रोज छा रहे, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। BRTS पर शाम 4.30 की तस्वीर है।

राजस्थान: दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की गति थोड़ी धीमी पड़ने की संभावना
मौसम विभाग ने प्रदेश में मानसून को लेकर अनुमान जताया है। यहां दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, भीलवाड़ा और धौलपुर जिले से गुजर रही है। ऐसे में अनुकूल परिस्थितियां नहीं होने की वजह से दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की गति थोड़ी धीमी पड़ने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में गर्मी पड़ी। प्रदेश में श्रीगंगानगर जिला सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 41.2 डिग्री रहा। इसी तरह अलवर में 40.4 डिग्री और करौली में 40.2 डिग्री तापमान रहा। इसके बाद जैसलमेर में तापमान 39.2 डिग्री और झुंझुनूं जिले के पिलानी में 39 डिग्री दर्ज किया गया। ये पांच शहर सबसे गर्म रहे। मौसम विभाग ने जयपुर, दौसा, अलवर, अजमेर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, बीकानेर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, बारां, झालावाड़, चुरु, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़ जिले और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश होने, बिजली के साथ करीब 30 से 50 किलोमीटर की रफ्तार के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।

तस्वीर राजस्थान की गुंजाली नदी की है। यहां अचानक से नदी का जलस्तर बढ़ गया था।

तस्वीर राजस्थान की गुंजाली नदी की है। यहां अचानक से नदी का जलस्तर बढ़ गया था।

हरियाणा: प्रदेश में मानसून थमा, 8 दिन तक एक्टिव होने के आसार नहीं
प्रदेश में मानसून ठहर गया है। अगले 8 दिनों तक मॉनसून के एक्टिव होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में कोई सक्रिय पश्चिम विक्षोभ भी एक्टिव नहीं होने वाला है। मानसून हवाएं थमने और अरब सागर से भी मूवमेंट न होने की वजह से जुलाई के पहले सप्ताह में मॉनसून के एक्टिव होने की उम्मीद है। यहां सावन और भादो में खूब बारिश हो सकती है। अब तक प्रदेश में सामान्य से 71% अधिक बारिश हो चुकी है। ज्येष्ठ महीने में हुई अच्छी बारिश हुई, लेकिन आषाढ़ महीने के पहले पखवाड़े में मॉनसून ठहर गया है। अगले 8 दिनों तक भी इसके सक्रिय होने के आसार नहीं दिख रहे।

मौसम विभाग ने इसकी वजह तिब्बत पर 5 किमी ऊंचाई पर बनने वाले एंटी साइक्लोन के चीन की ओर मुड़ जाना बताई है। बंगाल की खाड़ी में भी लो प्रेशर एरिया नहीं बन रहा है, जिस वजह से पश्चिमी हवाओं ने पूर्वी हवाओं का रुख मोड़ दिया है। दक्षिणी राजस्थान में मॉनसून सक्रिय है, लेकिन जब तक बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया नहीं बनता, तब तक हरियाणा में मानसून सक्रिय होने की संभावना कम है।

उत्तराखंड: प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के हालात, सड़कें टूटने लगी
उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन के हालात के बाद से ही नदियां उफान पर है। यहां नेशनल हाईवे पर बनाई गई ऑल वेदर सड़कें भी टूटने लगी है। टिहरी में NH-94 टनल को जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा टूट गया है। इससे आसपास के करीब दर्जन से ज्यादा घरों पर खतरा मंडरा रहा है।

तस्वीर उत्तराखंड के टिहरी के नेशनल हाईे की है। यहां ऑल वेदर रिपोर्ट भारी बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हो गई।

तस्वीर उत्तराखंड के टिहरी के नेशनल हाईे की है। यहां ऑल वेदर रिपोर्ट भारी बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हो गई।

हिमाचल: राज्य में अगले 7 दिन बारिश का अनुमान, येलो अलर्ट जारी
प्रदेश में 3 दिन मौसम साफ रहने के बाद से बारिश की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने अगले 7 दिन बारिश का अनुमान जताया है। इससे पहले प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया था। हालांकि इसका असर, सोमवार को मिलाजुला रहा। प्रदेश में हल्की धूप खिली। अधिकतम तापमान में सामान्य से 4 डिग्री की कमी दर्ज हुई है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश में बारिश होने के आसार जताए हैं। इसनें मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में 23 और 24 जून को मौसम साफ रहने का अनुमान है। 25 जून से मैदानी इलाकों में मौसम खराब बने रहने की संभावना है।

दिल्ली: 27 जून तक दिल्ली में पहुंच सकता है मानसून
दिल्ली वासियों के इस सप्ताह गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में पूरे सप्ताह तेज हवाएं चलेंगी। हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। हवाएं अनुकूल नहीं होने होने से दिल्ली के लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। दिल्ली में 27 जून तक मानसून पहुंचने की संभावना है। पिछले साल 25 जून को दिल्ली में मानसून आया था।

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