मिल्खा नहीं जानते थे कि पत्नी दुनिया में नहीं हैं: आखिरी पल बेटे-बेटी ने कान में कहा- डैड! आप मम्मा के पास जा रहे हो, परिवार ने बात छिपाकर रखी थी, सोचा था जब ठीक होंगे तो बताएंगे


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चंडीगढ़7 घंटे पहले

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अंतिम यात्रा में उनकी पत्नी निर्मल कौर की तस्वीर को मिल्खा के हाथों में रखा गया। नि

फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह काे पता ही नहीं था कि उनकी जीवन संगिनी निर्मल कौर अब इस दुनिया में नहीं हैं। छह दशक तक कदम से कदम मिलाकर चलने वाली निर्मल कौर कोरोना से 13 जून को जंग हार चुकी थीं। मिल्खा रिकवर हो रहे थे। कमजोर हो चुके थे। इसलिए परिवार ने सोचा कि अगर ये बात बताई तो उन्हें गहरा सदमा लगेगा।

परिवार ने उनके ठीक होने के बाद ही उन्हें निर्मल के निधन की सूचना देने की सोची। लेकिन, किस्मत ने कुछ और ही तय किया था। निर्मल के जाने के 5 दिन बाद ही 18 जून की रात मिल्खा भी दूसरी दुनिया में चले गए। मिल्खा के बेटे जीव मिल्खा सिंह समझ चुके थे कि पिता का आखिरी वक्त आ गया है। डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि कोरोना की वजह से फेफड़े पूरी तरह डैमेज हो चुके हैं।

जब ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगा तो बेटे जीव और बेटी मोना ने उनके कान में कहा- डैड आप भी वहीं जा रहे हाे, जहां मम्मा गई हैं। मिल्खा उस समय नाॅन इंवेसिव वेंटिलेटर पर थे। यह बात सुनते ही उन्हाेंने आंखें खाेलकर प्रतिक्रिया दी और फिर आंखें बंद कर लीं। जीव ने कहा- ‘हम नहीं चाहते थे कि मम्मा के जाने की खबर उन्हें मिले। हालांकि, उनकी इच्छा शक्ति बहुत मजबूूत है।

वे काेराेना निगेटिव भी हाे चुके थे। पर ईश्वर काे कुछ और ही मंजूर था। फिर हमने साेचा कि अंतिम समय में ही सही, उन्हें सारी बात बता देनी चाहिए।’ मिल्खा 17 मई काे कोरोना पाॅजिटिव हुए थे। 31 मई काे काेराेना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्‌टी मिल गई। लेकिन, 3 जून को उन्हें फिर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालात बिगड़ते चले गए। इसी बीच 12 जून को निर्मल कौर का निधन हो गया। मिल्खा को यह बात 17 जून को बताई गई।

अंतिम सफर में हमसफर साथ

मिल्खा सिंह का शनिवार को चंडीगढ़ में अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम यात्रा में उनकी पत्नी निर्मल कौर की तस्वीर को मिल्खा के हाथों में रखा गया। निर्मल भी खिलाड़ी थीं। वे भारतीय वॉलीबॉल टीम की कप्तान रह चुकी थीं। मिल्खा और निर्मल कोरोना होने से पहले तक पूरी तरह फिट थे। 91 साल के मिल्खा रोज जॉगिंग करते थे। दर्द होने पर कभी पेन किलर भी नहीं खाते थे।

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