मुंबई पुलिस की ‘E’ कंपनी: किसी ने बनाई सेंचुरी, तो कोई हाफ सेंचुरी के करीब; इन 7 एनकाउंटर स्पेशलिस्टों ने किया 480 अपराधियों का सफाया


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मुंबई6 मिनट पहले

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‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में फेमस सचिन वझे फिलहाल एंटीलिया विस्फोटक बरामदगी केस में गिरफ्तार हो चुके हैं। 1990 में मुंबई पुलिस फोर्स में एंट्री लेने वाले वझे ने 63 से ज्यादा एनकाउंटरों को अंजाम दिया। हाईटेक ऑफिसर के रूप में फेमस वझे सर्विलांस के एक्सपर्ट माने जाते रहे हैं।

मुंबई में 1980-90 के दशक में जब अंडरवर्ल्ड का आतंक दिन-ब- दिन बढ़ता जा रहा था, तब पुलिस ने अपने कुछ अफसरों को छोटा राजन, दाऊद और अन्य बदमाशों की गैंग को खत्म करने की जिम्मेदारी सौंपी। पुलिस ने कुछ गैंगस्टर के खिलाफ नोटिस जारी कर ‘शूट एट साइट’ का ऑर्डर दिया। जिसके बाद मुंबई में शुरू हुआ एनकाउंटर्स का नया सिलसिला। अंडरवर्ल्ड का आतंक खत्म करने के लिए मुंबई पुलिस ने छोटा राजन और दाऊद की गैंग के लगभग 450 से भी अधिक गैंगस्टर्स का एनकाउंटर किया। इनमें सचिन वझे के 63 एनकाउंटर भी शामिल है।

आज हम आपको मुंबई पुलिस के कुछ ऐसे ही एनकाउंटर स्पेशलिस्ट से मिलवा रहा है, जिनके नाम से अंडरवर्ल्ड के लोग खौफ खाते हैं। इन अफसरों पर दाऊद और छोटा राजन से पैसे लेकर फर्जी एनकाउंटर करने के आरोप लगते रहे हैं। इनमें से कई ने नौकरी छोड़ने के बाद पॉलिटिकल पार्टी भी जॉइन की थी। हालांकि, इन सभी पर एक भी आरोप अब तक सिद्ध नहीं हुआ है।

मिलिए इन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट से

खास बातें: प्रदीप शर्मा शिवसेना में शामिल होने से पहले ठाणे में रंगदारी वसूली विरोधी प्रकोष्ठ के प्रमुख थे। उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को भी गिरफ्तार किया था। प्रदीप शर्मा का अंडरवर्ल्ड में उनका मजबूत नेटवर्क है। शर्मा ने 1983 में पुलिस में सेवा शुरू की थी। 90 के दशक में वे मुंबई क्राइम ब्रांच टीम का हिस्सा हो गए। ये वो टीम थी, जिसे मुंबई में अंडरवर्ल्ड को खत्म करने के लिए कुछ भी करने की पूरी छूट दी गई थी।

कॉन्ट्रोवर्सी- छोटा राजन के गुर्गे गैंगस्टर लखन भैया का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगा था, लेकिन कोर्ट से क्लीन चिट मिली। इसके अलावा मुंबई के बिल्डर जनार्दन भांगे से पैसे लेकर छोटा राजन को खत्म करने का आरोप लगा। हालांकि, इस मामले में भी उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। प्रदीप पर ये आरोप लगने के बाद उन्हें सस्पेंड भी किया गया था।

खास बातें: मुंबई पुलिस के एनकांउटर स्पेशलिस्ट दया नायक 1995 बैच के पुलिस अफसर हैं। प्रदीप शर्मा की ही तरह दया नायक ने भी मुंबई से अंडरवर्ल्ड का खात्मा करने में अहम रोल निभाया। पुलिस फोर्स से जुड़ने से पहले दया होटल में बर्तन धोने का काम करते थे। 2012 में उन्हें डिपार्टमेंट के लोकल आर्म्स विंग में पोस्टिंग मिली। दया पर कई फिल्में भी बन चुकी हैं। फिलहाल दया नायक ATS टीम का हिस्सा हैं।

कॉन्ट्रोवर्सी: इनकम से ज्यादा प्रॉपर्टी के मामले में एसीबी की जांच में 2006 के बाद से 6 साल के लिए सस्पेंड भी रहे। 2010 में कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन पर दाऊद के गुर्गे डॉन छोटा शकील के साथ मिलकर छोटा राजन को खत्म करने का आरोप था। जिसके बाद उनके खिलाफ कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में वे बेकसूर पाए गए।

खास बातें: रविन्द्र आंग्रे महाराष्ट्र पुलिस के सबसे मजबूत नेटवर्क रखने वाले पुलिस अफसर माने जाते थे। गैंगस्टर सुरेश मांचेकर की पूरी गैंग को मिटा देने के लिए उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरीं थी। 6 साल पहले रविन्द्र ने नौकरी छोड़ कर भाजपा का दामन थाम लिया था। रविन्द्र आंग्रे 1983 बैच के अधिकारी हैं। रविन्द्र आंग्रे के पास भी कई करोड़ की संपत्ति है। डोंबिवली में आतंक मचानेवाले सुरेश मंचेकर और उसकी गैंग को खत्म करने का काम भी आंग्रे ने किया था।

कॉन्ट्रोवर्सी: साल 2008 में ठाणे इलाके के एक बिल्डर को धमकी देने के मामले में रविन्द्र को अरेस्ट किया गया था। मामले से बरी होने के बाद उनका ट्रांसफर नक्सली एरिया गढ़चिरौली में कर दिया गया। बाद में वे बीजेपी से जुड़ गए।

खास बातें: एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा सचिन वझे के मेंटर रह चुके हैं। 2007 में उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़कर पॉलिटिकल पार्टी शिवसेना ज्वाइन कर ली। इसके बाद वझे ने दो आईटी कंपनी खोली। एक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट से भी जुड़े। 16 साल तक सस्पेंड रहने के बाद वझे को 6 जून 2020 में मुंबई पुलिस में एंट्री

कंट्रोवर्सी: उन्होंने छोटा राजन और दाऊद की गैंग के कई गुर्गों का खात्मा किया। सब इंस्पेक्टर रहने के दौरान उन्हें फर्जी एनकाउंटर के मामले में सस्पेंड किया जा चुका है। उन्होने अपने सर्विस काल में 63 एनकाउंटर किए है।

खास बातें: प्रफुल्ल भोंसले मुंबई पुलिस एनकाउंटर टीम के डेथ स्क्वाड के मेंबर कहलाते थे। मुंबई हमले में शहीद हुए विजय सालस्कर के साथ मिलकर प्रफुल्ल ने नायक गैंग, अरुण गवली और छोटा शकील के कई गुर्गों को खत्म किया। ख्वाजा युनूस की कस्टडी में हुई मौत में भी प्रफुल्ल का नाम आया था।

खास बातें: 26/11 मुंबई हमले में शहीद हुए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर ने डॉन अरुण गवली की गैंग का सफाया कर दिया था। गैंगस्टर अमर नाइक और सदा पावले को अरेस्ट करने पर उन्हें काफी सुर्खियां बटोरी थीं। विजय मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया के सबसे पसंदीदा अफसरों में से एक थे।

कॉन्ट्रोवर्सी: एक एनकाउंटर के दौरान एक 18 साल के बच्चे की गोली लगने से मौत के बाद वे कन्ट्रोवर्सी में घिर गए थे।

खास बातें: राजन गैंग के मुंबई से सफाये में असलम मोमिन का बड़ा हाथ था। मोमिन के लिए माना जाता रहा है कि उनका मुखबिरों का नेटवर्क सबसे ज्यादा स्ट्रांग था।

कॉन्ट्रोवर्सी: असलम मोमिन पर भी दाऊद से पैसा लेकर राजन गैंग के खात्मे का इल्जाम लगा था। इंटरपोल ने असलम और दाऊद के भाई इब्राहिम कासकर के बीच बातचीत के फोन टेप किए थे। जिसके बाद असलम को 2005 में बर्खास्त किया गया था।

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