मुबंई पुलिस में बगावत: महाराष्ट्र सरकार की बेरुखी से हताश संजय पांडे ने कहा- छुट्टी पर जा रहा हूं, शायद ही कभी वापस पुलिस फोर्स में लौटूं


  • Hindi News
  • National
  • Uddhav Thackeray Mumabi Police | Mumbai IPS Senior Officer Sanjay Pandey Leave Letter To Uddhav Thackeray

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुंबई8 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • पांडे ने कहा कि सरकार को ट्रांसफर के पहले कम से कम एक बार प्रोटोकॉल के तहत बात करनी चाहिए थी
  • वरिष्ठता के आधार पर संजय पांडे की नियुक्ति पुलिस महानिदेशक या फिर मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद पर की जा सकती थी

महाराष्ट्र पुलिस के सबसे सीनियर अधिकारी 1986 बैच के आईपीएस संजय पांडे छुट्टी पर चले गए हैं। संजय पांडे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी में साफ कहा कि उन्हें लगता है कि सेवा में लौटना है या नहीं यह सोचने का समय आ गया है। बुधवार को DG होमगार्ड से महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी फोर्स (MSF) में तबादला होने के बाद संजय पांडे ने यह फैसला किया।

पांडे की जगह मुंबई कमिश्नर के पद पर रहे परमबीर सिंह को होमगार्ड का DG बनाया गया है। परमबीर सिंह को एंटीलिया केस में सचिन वझे की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से हटाया गया है।

हमें सरकार ने हमेशा साइड पोस्टिंग में रखा है

पांडे कहते हैं कि कोई भी सरकार आए, हमें साइड पोस्टिंग में ही रखी है। वर्तमान सरकार भी हमारा करियर बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पांडे जब 1992-93 में DCP थे, तब वे धारावी में थे। वे इस जोन के पहले DCP (पुलिस उपायुक्त) थे। उनके कार्यकाल में यहां कोई भी दंगा नहीं हुआ। जबकि धारावी मुस्लिम बहुल इलाका है। 1997 में चमड़े के एक बड़े घोटाले में उनकी जांच की प्रशंसा पूरा पुलिस महकमा करता है।

20 दिन की मांगी है छुट्‌टी

पांडे ने कहा कि मैने 20 दिन की छुट्‌टी मांगी है। मैने छुट्‌टी के लिए पर्सनल कारण ही लिखा है। पर नौकरी मुझे करनी है। मेरी नौकरी सवा साल बची है। मुझे यह सोचने के लिए समय चाहिए कि मै नौकरी करूं या नहीं करूं। हिंदुस्तान में इकलौता मुंबई शहर है, जहां सिक्योरिटी फोर्स में IPS की नियुक्ति होती है। ऐसा कहीं नहीं होता है।

आईपीएस का करियर चुना

पांडे कहते हैं कि मैने परीक्षा दी तो उस समय IAS, IFS की बजाय IPS का करियर चुना। क्योंकि पुलिस में मुझे नौकरी करनी थी। पर संजोग की मुझे कभी पुलिस यूनिफॉर्म पहनने का मौका नहीं मिला। मुझे कभी पुलिसिंग का मौका नहीं मिला। वे कहते हैं कि मै तो वॉलेंटरी रिटायरमेंट लेना चाहा, वो भी मुझे नहीं लेने दिया गया। 2006 में विजिलेंस में ज्वाइंट कमिश्नर के बाद मैं बीमार हो गया। मुझे 4 साल तक पुलिस की सेवा से बाहर रखा गया।

2012 में फिर से वापसी

संजय पांडे कहते हैं कि 2012 में जब मैने फिर वापसी की तो फिर से साइड पोस्टिंग ही मिली। मेरे करियर में करीबन 20 साल की साइड पोस्टिंग की नौकरी रही है। संजय पांडे ने इकोनॉमिस अफेंस विंग (EOW) में भी काम किया है। वे हार्वर्ड से पढ़ाई भी बीच में किए हैं।

अंबानी कार विस्फोटक मामले में चारों ओर से घिर चुकी ठाकरे सरकार ने सचिन वझे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के दामन पर लगे दाग को धोने के लिए 4 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया। इसी में संजय पांडे अपने तबादले से काफी अपसेट हैं।

सरकार की फजीहत बढ़ सकती है

माना जा रहा है कि अगर वे बगावती तेवर अपना लेते हैं तो सरकार की फजीहत और भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा है कि अब शायद ही वे कभी पुलिस फ़ोर्स में वापस आयें। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी कमियों को ठीक करने के बजाय हम जैसे सीनियर मोस्ट अधिकारियों को को अनाप-शनाप तरीके से ट्रांसफर कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को ट्रांसफर के पहले कम से कम एक बार उनसे प्रोटोकॉल (शिष्टाचार) के तहत बात तो कर लेनी चाहिए थी, पर सरकार ने इसकी भी जरूरत नहीं समझी।

सालों से उपेक्षा के शिकार हैं पांडे

1986 बैच के तेज तर्रार IPS अधिकारी पांडे की पिछले कुछ सालों से लगातार उपेक्षा की जाती रही है और उन्हें साइड पोस्टिंग दी जाती रही है। जबकि पांडे की तारीफ़ मुंबई दंगों की जाँच करने के लिए बनाए गए श्रीकृष्ण आयोग और 1993 के मुंबई ब्लास्ट मामले को नियंत्रित करने के लिए उनके काम को एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्था कर चुकी है।

डीजी या कमिश्नर पर नियुक्ति के दावेदार हैं पांडे

वरिष्ठता के आधार पर संजय पांडे की नियुक्ति पुलिस महानिदेशक या फिर मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद पर की जा सकती थी। पर उन्हें इन पदों पर तो दूर, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के DG का पोस्ट दिया जा सकता था। पर उन्हें हर तरह से नजरअंदाज किया गया। मुंबई कमिश्नर की पोस्ट राज्य के डीजीपी के बराबर होती है। इसलिए मुंबई पुलिस का कमिश्नर डीजीपी के अंडर में नहीं आता है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को IPS संजय पांड की लिखी चिट्ठी नीचे पढ़िए।

Chief Minsiter 18032021 by Ravi Dubey on Scribd

खबरें और भी हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *