राजस्थान फोन टैपिंग केस: BJP ने विधानसभा में उठाया मुद्दा, हंगामे के बीच गुलाबचंद कटारिया ने कहा- गहलोत सरकार बताए किस-किस के फोन टैप करवाए


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जयपुर6 मिनट पहले

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राजस्थान में फोन टैपिंग मुद्दे पर विधानसभा में भाजपा विधायकों ने वेल में आकर हंगामा किया। नाराज स्पीकर ने कहा कि मैंने सोच समझकर व्यवस्था दी है। मैं अध्यक्ष की व्यवस्था पर आपको सवाल उठाने की अनुमति नहीं दे सकता।

  • स्पीकर ने शून्यकाल में फोन टैपिंग का मुद्दा उठाने की मंजूरी नहीं दी
  • स्पीकर बोले- सबूत या रिकॉर्ड हैं तो दीजिए, इसके बिना सदन में चर्चा की अनुमति नहीं

फोन टैपिंग पर राजस्थान सरकार के कबूलनामे पर सियासी हलकों से लेकर विधानसभा तक माहौल गरमा गया है। फोन टैपिंग पर मंगलवार को विधानसभा में भाजपा ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के कारण स्पीकर को तीन बार सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। पहले 12:30 बजे और फिर 1 बजे और फिर 1.40 बजे आधे-आधे घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की गई।

शून्यकाल शुरू होते ही स्थगन प्रस्ताव खारिज होने से नाराज भाजपा विधायकों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और विधायक कालीचरण सराफ ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए फोन टैपिंग का मामला उठाना चाहा, लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने इसकी मंजूरी नहींं दी। इस पर नाराज भाजपा विधायकों ने सदन में वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी।

कटारिया बोले- सरकार बताए किस-किसके फोन टैप करवाए
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकारी मुख्य सचेतक ने एक FIR करवाई थी उसका आधार फोन टैपिंग ही था। इससे यह तय हो गया कि सरकार ​की किसी एजेंसी ने फोन टैपिंग करवाई। सरकार को सदन में यह बताना चाहिए कि किस अधिकार से सरकार ने किन किन लोगों के फोन टैप करवाए।

कटारिया ने कहा कि हम यही जानना चाहते हैं कि जिस रिफरेंस में मुकदमा दर्ज हुआ। उसमें अनुमति लेकर फोन टैप हुआ या नहीं? गृह विभाग की अनुमति लेकर अभियुक्तों के लिए फोन टैप करवाते हैं। हम जानना चाहते हैं कि मुख्य सचेतक ने जो FIR करवाई थी क्या उसका आधार फोन टैपिंग थी?

बता दें कि सचेतक महेश जोशी ने विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर जुलाई में एंटी क्राइम ब्यूरो (ACB) और पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में केस दर्ज करवाया था। उस शिकायत में बाद में कुछ ऑडियो टेप की ACB और एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) को दिए गए थे। ACB और ATS ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। उस वक्त भाजपा से जुड़े दो कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया था। ACB और SOG मुकदमे में 3 निर्दलीय विधायकों के अलावा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मंत्री विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा के भी नाम थे।

भाजपा चर्चा पर अड़ी, स्पीकर ने कहा- नए तथ्य दीजिए
1:30 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने कहा- फोन टैपिंग पर आपके पास स्थगन प्रस्ताव के अलावा कोई नए तथ्य हैं तो दीजिए। आज ही चर्चा करवाकर सदन में सरकार का जवाब दिलवा दिया जाएगा, लेकिन स्थगन प्रस्ताव खारिज करने के अध्यक्ष के फैसले का रिव्यू नहीं होगा। इस पर नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने कहा कि हमारी मजबूरी है कि हम इस पर आज चर्चा किए बिना कार्यवाही आगे नहीं बढ़ने देंगे। सरकार का जवाब चाहे कल आ जाए।

बिना सबूत विधायकों- केंद्रीय मंत्रियों के फोन टैप के सबूत दीजिए
स्पीकर ने कहा- राजेंद्र राठौड़ का स्थगन है जिसमें लिखा है, ‘सांसदों, विधायकों और केंद्रीय मंत्रियों के बिना अधिकृत प्राधिकारियों के फोन टैप करवाए गए। आपने इसके सबूत नहीं दिए। आप सबूत दीजिए और नाम बताइए। आपके पास सबूत या रिकॉर्ड हैं तो दीजिए, इसके बिना सदन में चर्चा की अनुमति नहीं दे सकता।’

आपको मेरे फैसले पर विश्वास नहीं तो मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं
अध्यक्ष के स्थगन खारिज होने के बाद भाजपा विधायकों ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। नाराज स्पीकर ने कहा, ‘मैंने सोच समझकर व्यवस्था दी है। मैं अध्यक्ष की व्यवस्था पर आपको सवाल उठाने की अनुमति नहीं दे सकता। आपको अध्यक्ष के फैसले पर विश्वास नहीं हैं तो आप मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं।’

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