राजस्थान में किसान सम्मान निधि की लूट: हाईवे पर कोठी-फार्म हाउस हैं फिर भी हर चार महीने में 6 हजार रु. हड़पते रहे, 44.4 लाख ने 6216 करोड़ उठाए


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जयपुर26 मिनट पहलेलेखक: शिव प्रकाश शर्मा

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इस कोठी के मालिक का नाम किसान सम्मान निधि के पात्रों में शामिल है।

  • यह खबर ऐसे समय में जब… पूरा देश अन्नदाता के हक की बात कर रहा है

केंद्र सरकार की ओर से किसानाें काे दी जाने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि याेजना में प्रदेश में पहली से छठी किस्त तक 44 लाख 40 हजार 462 अपात्र लाेगाें ने 62 अरब 16 करोड़ 64 लाख 68000 रुपए गरीब किसानाें के हड़प लिए। इतना ही नहीं प्रदेश के 70 हजार आयकरदाताओं ने भी किसानाें के हक के 100 कराेड़ रुपए हड़प लिए।

मामले का खुलासा तब हुआ जब केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय की टीमाें ने किसानाें के आधार कार्ड नंबर व पैन नंबर से उनके दिए गए बैक खाताें का वेरीफिकेशन किया। वेरीफिकेशन में बैंक खाताधारक व खेत के मालिकाें के नाम में अंतर पाया गया। किसान सम्मान निधि याेजना में सालाना 6000 रुपए का लाभ दिया जाता है।

याेजना के तहत वर्ष में चार माह के अंतर पर 2000-2000 रुपए तीन किस्ताें में किसानाें के बैंक खाताें में सीधे जमा किए जाते है। अब तक पंजीकृत किसानाें काे सात किस्ताें में कुल 3 करोड़ 78 लाख 32 हजार 992 लाेगाें काे 7566 करोड़ 59 लाख 84000 रुपए का भुगतान हाे चुका।

कोठी मालिक ने ली निधि
कोटपूतली के सरदार सिंह 6 किस्तों का लाभ ले चुके हैं। दिल्ली हाईवे के नजदीक ही उनका फार्म हाउस है। घर में कार, ट्रैक्टर, जीप, केंटर की सुविधा है। जांच में अपात्र पाए गए है। उन्हें कृषि मंत्रालय की ओर से राशि वापस बैंक में जमा करवाने का नोटिस मिला है।

नौकरी में, फिर भी ली राशि
पावटा निवासी रघुवीर सिंह ने योजना में सात किस्तों का लाभ उठाया है। उन्हें इसी मार्च में 14 हजार रुपए की राशि लौटाने का नोटिस मिला है। सिंह की दिल्ली हाईवे पर ही शानदार कोठी है। घर में ट्रैक्टर, कार की सुविधा है। परिवार में कई लाेग सरकारी नाैकरी में है।

अपात्रों से डीबीटी के जरिए वसूली भी शुरू की गई

बैंक ने अपात्र लाेगाें से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए वसूली शुरू कर दी है। इसके बाद राज्य सरकार यह पैसा केंद्र के काेष में जमा करवाएगी। जो लोग पैसे जमा नहीं कराएंगे उनके खाते फ्रीज कर वसूली होगी।

प्रदेश में अब तक 75.66 अरब रु. किसान निधि बांटी जा चुकी

  • प्रदेश में अब तक कुल सात किस्ताें में 3 करोड़ 78 लाख 32 हजार 992 लाेगाें काे 75 अरब 66 करोड़ 59 लाख 84 हजार रुपए बांटे गए हैं।
  • पहली किस्त में 70 लाख 35 हजार 852 लाेगाें काे 1470 करोड़ 17 लाख 4 हजार रुपए बांटे गए थे।

ये नहीं ले सकते याेजना का लाभ

  • इनकम टैक्स देने वाले व 10 हजार से अधिक पेंशन वाले किसान।
  • पेशेवर लाेग, डाॅक्टर, सीए, इंजीनियर, वकील, आर्किटेक्ट जाे खेती का कार्य करते हैं या उनके नाम खेती की जमीनें हैं।
  • चतुर्थ श्रेणी व डी ग्रुप के कर्मचारियाें के अलावा काेई भी सरकारी कर्मचारी याेजना का लाभ नहीं उठा सकता।

किसानों के लिए है ‘स्वैच्छिक’ योजना
खेती-किसानी के विकास के लिए यह योजना बनाई गई है। मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में 11 फरवरी 2019 को गोरखपुर-यूपी से इसकी औपचारिक शुरुआत की थी। यह स्वैच्छिक अर्थात पात्र कृषक के इच्छा आधारित याेजना है।

आधार के मिलान पर पकड़े गए

योजना में अपात्र लोगों ने भी राशि उठाई। आधार से मिलान पर ये पकड़े गए। अब इनसे वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।

-कुंजीलाल मीणा, प्रिंसिपल सेक्रेट्री

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