राजस्थान में 564 डॉक्टर लापता: स्वास्थ्य विभाग को बताए बिना ही गायब हो गए 7 संभागों के डॉक्टर, डायरेक्टर ने रिपोर्ट मांगी


सीकर37 मिनट पहले

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सीकर जिले के लिए मांगे गए आवेदनों में इनकी संख्या 40 बताई जा रही है।

कोरोनाकाल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राज्य के 7 संभागों में 269 विशेषज्ञ डॉक्टर और 295 मेडिकल ऑफिसर ड्यूटी से नदारद हैं। लंबे समय से अनुपस्थित इन डॉक्टरों व मेडिकल ऑफिसर के बारे में जन स्वास्थ्य सेवा के निदेशक ने सभी पीएमओ और सीएमएचओ से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। साथ ही ये निर्देश भी जारी किए हैं कि यदि इनके बारे में देरी से व अधूरी सूचना भिजवाई गई तो विभाग संबंधित पीएमओ व सीएमएचओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।

दैनिक भास्कर के पास चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. केके शर्मा द्वारा जारी इन निर्देशों की काॅपी है। इसमें, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर संभाग में लंबे समय से अनुपस्थित 564 विशेषज्ञ और एमबीबीएस डॉक्टरों का उल्लेख है। वर्तमान में ये विशेषज्ञ और एमबीबीएस डॉक्टर कहां हैं, इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को भी जानकारी नहीं है।

ये जानने के लिए विभाग के निदेशक केके शर्मा ने 7 संभागों में आने वाले जिलों के पीएमओ और सीएमएचओ को पत्र लिखा है कि ये लोग लंबे समय से राज्य सेवा व सेवारत कोटे से पीजी पूरी करने के बावजूद अनुपस्थित हैं। इन चिकित्सकों की सूचना जल्द भिजवाई जाए। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीएमएचओ और पीएमओ इन डॉक्टरों की जानकारी जुटाने में लग गए हैं। विभाग के निदेशक डॉ. केके शर्मा ने भास्कर को बताया कि ऐसे कई विशेषज्ञ व डॉक्टर हैं जो कि ज्वाॅइन करने के बाद वर्षों से अनुपस्थित हैं। सीएमएचओ इनके बारे में जानकारी देते नहीं हैं, जबकि हो सकता है इन लोगों ने कहीं और ज्वाॅइन कर लिया हो, लेकिन इनके नाम से विभाग में सीट बुक है। ऐसे में इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

शेखावाटी में 40 व सीकर जिले में 14 डॉक्टर लंबे समय से अनुपस्थित

सीकर जिले में जिला अस्पताल में लगाए गए डॉक्टर सुधींद सक्सेना, विजय सिंह और महेश कुमार के अलावा सीएचसी बेसवा में करुणा करण, सीएचसी फतेहपुर में प्रियंका कुमारी, अजीतगढ़ में राजेश जांगिड़, पीएचसी दांतारामगढ़ में सत्यवीर सिंह, सिटी डिस्पेंसरी नंबर एक में अंकिता, पीएचसी सिंगरावट में धीरज शर्मा, पीएचसी लक्ष्मणगढ़ में मरींदू, सीएचसी फतेहपुर में नेहा चौधरी, सीएचसी खाटूश्यामजी में नेहा धानका, पीएचसी फागलवा में रामस्वरूप जाखड़ और पीएचसी डॉक्टर सत्यपाल चाहर को लंबे समय से अनुपस्थित हैं।

खाटूश्यामजी पीएचसी पर लगाई गई डॉक्टर नेहा धानका केवल एक दिन ड्यूटी जॉइन करने के लिए खाटूश्यामजी आई थी। उसके बाद से अब्सेंट चल रही है। जबकि सीएससी फतेहपुर में लगाई हुई डॉ प्रियंका कुमारी ने बिना बताए बीकानेर ड्यूटी जॉइन कर रखी है। झुंझुनू जिले में ऐसे 7 विशेषज्ञ और 2 एमबीबीएस डॉक्टर तथा चूरू में 9 विशेषज्ञ और 8 डॉक्टर हैं।

नाम सहित कार्रवाई के प्रस्ताव की मांगी रिपोर्ट
आदेश में निदेशक ने स्पष्ट किया है कि इस बारे में तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ पीएमओ और सीएमएचओ को तय समय पर निदेशालय मुख्यालय पर खुद उपस्थित होना होगा। डॉक्टरों के बारे में दो प्रपत्र में जानकारी मांगी गई है। इसके लिए अजमेर संभाग के पीएमओ और सीएमएचओ को 21 जून, भरतपुर वालों के लिए 22 जून, कोटा 23 जून, उदयपुर 24 जून, बीकानेर 25 जून, जोधपुर 23 जून और जयपुर संभाग में शामिल जिलों के पीएमओ और सीएमएचओ को 29 जून तक इनकी तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ पेश करने का समय दिया गया है।

वर्षों से अनुपस्थित विशेषज्ञ और एमबीबीएस डॉक्टरों की सूची।

वर्षों से अनुपस्थित विशेषज्ञ और एमबीबीएस डॉक्टरों की सूची।

कमी के कारण संविदा पर मांगे डॉक्टर :

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विग द्वारा अभी हाल ही में विज्ञप्ति जारी कर संविदा पर डॉक्टरों से आवेदन मांगे गए हैं। जिसके तहत प्रदेश भर में 1000 डॉक्टर कोरोना हेल्थ कंसलटेंट के तौर पर प्रदेशभर में लगाए जाएंगे। सीकर जिले के लिए मांगे गए आवेदनों में इनकी संख्या 40 बताई जा रही है।

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