राजीव कपूर का किस्सा: मंदाकिनी के कारण खराब हो गए थे राज कपूर से रिश्ते, नाराजगी इतनी थी कि पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं गए थे राजीव!


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17 मिनट पहले

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राज कपूर के छोटे बेटे और ऋषि-रणधीर कपूर के छोटे भाई राजीव कपूर का निधन हो गया है। नीतू कपूर ने इस बात की पुष्टि सोशल मीडिया पर की। 58 साल के राजीव की मौत कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई है। कम ही लोग जानते हैं कि एक फिल्म की वजह से राज कपूर और उनके छोटे बेटे के रिश्तों में दरार आ गई थी। ये फिल्म थी ‘राम तेरी गंगा मैली’। इस बात का खुलासा मधु जैन ने अपनी किताब ‘कपूरनामा’ में किया है।

मंदाकिनी के कारण आई बाप-बेटे के रिश्ते में दरार

मधु जैन की किताब ‘कपूरनामा’ के मुताबिक राजीव कपूर ने यूं तो 1983 में आई फिल्म ‘एक जान है हम’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। लेकिन उनके करियर ने रफ्तार नहीं पकड़ी थी। इसलिए राज कपूर ने 1985 में फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ बनाई और बेटे राजीव को दोबारा लॉन्च किया। फिल्म तो सुपरहिट रही लेकिन राजीव को इसका श्रेय नहीं मिला, बल्कि फिल्म की हीरोइन मंदाकिनी को सारा क्रेडिट मिल गया। जैसे-जैसे फिल्म चर्चित होने लगी राजीव कपूर पिता राज कपूर से नाराज होते गए। इस फिल्म के बाद बाप-बेटे में काफी अनबन भी हो गई थी।

‘राम तेरी गंगा मैली’ सिर्फ राजकपूर और मंदाकिनी के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई। राजीव को इस फिल्म के हिट होने का कोई फायदा नहीं हुआ। इस फिल्म ने मंदाकिनी को रातों-रात स्टार बना दिया लेकिन राजीव कपूर आगे नहीं बढ़ पाए। इस बात के लिए राजीव कपूर ने सारा दोष पिता राज कपूर पर डाल दिया।

दोबारा बाप बेटे ने नहीं किया साथ में काम

‘राम तेरी गंगा मैली’ के बाद राज कपूर ने दोबारा कभी राजीव को लेकर कोई फिल्म नहीं बनाई। इस बात से राजीव पापा राज से बेहद नाराज थे। राजीव ने ‘लवर ब्वॉय’, ‘हम तो चले परदेस’, ‘अंगारे’, ‘शुक्रिया’ जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन वे बॉलीवुड में अपनी पहचान नहीं बना पाए। कहा जाता है कि वे पिता से इतने ज्यादा नाराज थे कि उनके मरने के बाद वो अंतिम संस्कार में भी नहीं गए।

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