राहुल गांधी के आने से पहले बढ़ने लगे किसान: ​​​​​​​सवाईमाधोपुर व करौली से सैकड़ों किसान शाहजहांपुर-हरियाण बॉर्डर पर पहुंचे, 12 व 13 फरवरी को राहुल गांधी का राजस्थान दौरा


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अलवर2 मिनट पहले

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शाहजहांपुर हरियाणा बॉर्डर पर लोकगीतों पर नृत्य करते किसान।

  • बाॅर्डर पर किसानों के बीच आने का कार्यक्रम सुनिश्चत नहीं हो सका

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के राजस्थान में संभावित दो दिवसीय दौरे से पहले शाहजहांपुर-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों की संख्या बढ़ने लगी है। हालांकि बॉर्डर पर राहुल गांधी के आने को लेकर किसी भी तरह के कार्यक्रम की कोई पुष्टि नहीं हुई है। जबकि मंगलवार सुबह ही बॉर्डर पर राजस्थान के सवाईमाधोपुर व करौली जिलों से सैकड़ों किसान पहुंचे हैं। किसान नेता दीनबंधु शर्मा ने बताया कि बॉर्डर पर राहुल गांधी के आने की कोई अधिकृत सूचना नहीं है। यह सही है कि कई जिलों के किसान आंदोलन में भाग लेने पहुंचे हैं।

शाहजहांपुर बॉर्डर पर आए किसान खाना खाते हुए।

शाहजहांपुर बॉर्डर पर आए किसान खाना खाते हुए।

किसानों के साथ ही रुकेंगे
बॉर्डर पर सवाईमाधाेपुर व करौली से आए किसानों का कहना है कि कृषि कानूनों का किसान सब जगह विरोध कर रहे हैं। केन्द्र सरकार किसानों को अनसुना कर रही है। इस कारण किसानों के आंदोलन को मजबूत करने के उद्देश्य से वे भी बॉर्डर पर आए हैं। जब तक कृषि कानूनों को लेकर सरकार कोई निर्णय नहीं लेगी तब तक यहां रुकेंगे।

राहुल गांधी के आने का कार्यक्रम भी
असल, में कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी राजस्थान में दो दिवसीय दौरा है। पहले यह कयास लगाए जाते रहे कि राहुल गांधी शाहजहांपुर-हरियाणा बॉर्डर पर किसान आंदोलनकारियों से मिल सकते हैं। लेकिन, कांग्रेस नेताओं ने बताया कि राहुल गांधी के शाहजहांपुर हरियाणा बॉर्डर पर आने का कोई अधिकृत कार्यक्रम नहीं है। जहां उनका कार्यक्रम है वहां वे सीधे हवाई सेवा से पहुंचेंगे। इस कारण बॉर्डर पर राहुल गांधी के आने के कार्यक्रम की कोई पुष्टि नहीं हो सकी है।

दो दिसम्बर से किसान आंदोलन
उल्लेखनीय है कि शाहजहांपुर हरियाणा बॉर्डर पर दो दिसम्बर से आंदोलन जारी है। 12 दिसम्बर को हाइवे की पहले लेन बंद की गई थी। 25 दिसम्बर से हाइवे की दोनों प्रमुख लेन बंद हैं। केवल एक सर्विस लाइन चालू है। यहां राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र व गुजरात सहित अनेक जगहों के किसान आंदोलन कर रहे हैं। बीच-बीच में किसानों की संख्या घटती -बढ़ती रहती है। कभी किसी क्षेत्र के किसान आते हैं तो कभी दूसरे क्षेत्र के। इसी तरह यहां किसान आंदोलन लगातार दो दिसम्बर से जारी है। हाइवे जाम होने के कारण भारी वाहनों का दूसरों रूट से आना-जाना जारी है।

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