लेटलतीफी: सिविल में 100 बेड का जच्चा-बच्चा केंद्र बनाने को आ चुका बजट, अभी तक सिर्फ नक्शा ही पास हुआ


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पानीपत8 घंटे पहले

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सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग।

  • काेराेना सैंपलिंग और वैक्सीनेशन कार्यक्रम के कारण पुरानी बिल्डिंग गिराने का काम फिर आगे बढ़ा

गाेविंद सैनी |

सिविल अस्पताल में बनने जा रहे 100 बिस्तराें के जच्चा-बच्चा केंद्र (एमसीएच विंग) का काम कछुए की रफ्तार से चल रहा है। सरकार ने फरवरी 2018 में बजट सत्र के दौरान 100 बेड की एमसीएच विंग निर्माण को मंजूरी दी थी। फिर दाे महीने बाद ही 20 कराेड़ रुपए बजट भी आया, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी सिर्फ नक्शा ही पास हुआ है।

पुरानी बिल्डिंग काे गिराए बिना ये नहीं बन सकता है। करीब साढ़े 4 महीनाें से इसे गिराने की सिर्फ प्लानिंग ही हाे रही है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हाे रहा है, क्याेंकि काेराेना सैंपलिंग और काेराेना वैक्सीनेशन कार्यक्रम इसी पुरानी बिल्डिंग में चल रहे हैं। जब तक ये कार्यक्रम चलेंगे, तब तक इस बिल्डिंग काे नहीं गिराया जाएगा।

13 कराेड़ जमा हाे चुके पीडब्ल्यूडी के खाते में

अधिकारियाें के मुताबिक फिलहाल पुरानी बिल्डिंग में काेराेना के सैंपल लेने के लिए सैंपल क्लेक्शन सेंटर बनाया गया है और रिपाेर्ट दी जा रही हैं। वहीं, 16 जनवरी से वैक्सीनेशन कार्यक्रम चल रहा है। निर्माण कार्य के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 13 करोड़ रुपए पीडब्ल्यूडी के खाते में जमा भी करा दिए हैं।

बेसमेंट नहीं होगा

पहले बिल्डिंग पांच मंजिला बननी थी, नीचे बेसमेंट रहना था। बेसमेेंट को सर्विस ब्लाॅक या पार्किंग के रूप में इस्तेमाल करना था। अब बेसमेंट नहीं बनेगा, बिल्डिंग छह मंजिला होगी। सर्विस ब्लाक का निर्माण दूसरे स्थान पर होगा।

एरिया करीब 23 हजार 425 फीट

सरकार ने फरवरी 2018 में बजट सत्र के दौरान 100 बेड की एमसीएच विंग निर्माण को मंजूरी दी थी। सीएम ने 30 अक्टूबर 2018 को 20 करोड़ की मंजूरी भी दी। पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर ही एमसीएच विंग बननी है, जिसका एरिया करीब 23 हजार 425 फीट है। नक्शे के मुताबिक पीडब्ल्यूडी ने इसे पर्याप्त बताया है।

जल्दी आगे बढ़ेगा प्राेजेक्ट : सीएमओ डाॅ. संतलाल वर्मा ने बताया कि जिले के लिए महत्वपूर्ण प्राेजेक्ट है। मार्च महीने में तीसरा चरण वैक्सीनेशन का चलेगा। इसके पूरे हाेने के बाद प्राेजेक्ट काे आगे बढ़ाया जाएगा।

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