लॉकडाउन का एक साल: रोजगार में रिकवरी; फरवरी 2021 में कुल रोजगार 39.9 करोड़, लॉकडाउन से पहले की तुलना में यह 40 लाख कम


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मुंबई2 मिनट पहलेलेखक: स्कन्द विवेक धर

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  • सीएमआईई केे मुताबिक लॉकडाउन से पहले की तुलना में 40 लाख रोजगार अब भी कम हैं

लॉकडाउन के एक साल के भीतर ज्यादातर रोजगार वापस आ गए हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों के मुताबिक, लॉकडाउन से पहले देश में कुल 40.3 करोड़ रोजगार थे। इनमें कृषि, नौकरीपेशा और असंगठित क्षेत्र तीनों क्षेत्र शामिल हैं। फरवरी 2021 में रोजगार की कुल संख्या 39.9 करोड़ हो गई, जो कि लॉकडाउन से पहले की तुलना में 40 लाख कम है।

वहीं असंगठित क्षेत्र में रोजगार में आई कमी की काफी हद तक भरपाई कृषि ने कर दी है। लॉकडाउन से पहले देश में बेरोजगारी की दर 7.63% थी, जबकि फरवरी 2021 में बेरोजगारी की दर घटकर 6.9% की रह गई। सीएमआईई के सीईओ महेश व्यास बताते हैं कि इन आंकड़ों के आधार पर ये नहीं कहा जा सकता कि अर्थव्यवस्था दुरूस्त हो चुकी है। ये आंकड़े पर्याप्त इंडिकेटर नहीं है।

लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (काम में लगे 15 साल से 60 साल के लोगाें का प्रतिशत) अब भी पिछले साल की तुलना में कम है। पिछले साल यह 42.65 था, बीते फरवरी में 40.6 रह गया। इसी तरह, रोजगार की दर पिछले साल की तुलना में अब भी कम है। सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक लॉकडाउन से पहले रोजगार की दर 39.4 थी, जो अब 37.9 रह गई है।

लॉकडाउन से पहले संगठित क्षेत्र में कुल 8.6 करोड़ नौकरियां थीं। जो अब 8.2 करोड़ हैं। यानी 40 लाख की कमी। व्यास बताते हैं कि कुल रोजगार में आई कमी का बड़ा हिस्सा सेलरीड क्लास का है। इस वर्ग को तनख्वाह में कमी का नुकसान भी उठाना पड़ा है। व्यास ने कहा कि लॉकडाउन और इसके प्रभाव का ज्यादा नुकसान 20 से 30 वर्ष के युवाओं और महिलाओं को उठाना पड़ा।

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