लोकसभा में सरकार का जवाब: वित्त मंत्री ने कहा- पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाने का विचार नहीं, सही समय पर सोचेंगे


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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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पेट्रोल-डीजल की कीमतों को गुड्स और सर्विसेज टैक्स (GST) के दायरे में लाने की चर्चा के बीच वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि अभी क्रूड पेट्रोलियम, पेट्रोल-डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल और नेचुरल गैस को GST के तहत लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

लोकसभा में एक सवाल के जबाव में सोमवार को वित्तमंत्री ने कहा कि इस बारे में GST काउंसिल की तरफ से अभी कोई सुझाव नहीं मिला है। सही समय पर इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।

अनुराग ठाकुर ने GST को लेकर दिया था जवाब
राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा था कि पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाने के लिए GST परिषद की सिफारिश जरूरी है। अब तक परिषद ने ऐसी कोई अनुशंसा नहीं की है। किसी भी चीज पर GST लगाने या हटाने या उनकी दरों में बदलाव करने के लिए GST परिषद में फैसला लिया जाता है। इसमें सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होते हैं। देश के वित्त मंत्री इसकी अध्यक्षता करते हैं।

ऐसा हो जाए तो पेट्रोल 75 और डीजल 68 रुपए लीटर मिलने लगे
SBI के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, अगर फ्यूल को GST के तहत लाया जाता है तो देश में पेट्रोल की कीमत घटकर 75 रुपए और डीजल 68 रुपए प्रति लीटर पर आ सकती है। राजनीतिक इच्छा शक्ति न होने से इनकी कीमत बहुत ज्यादा हो गई है।

केंद्र और राज्य सरकारें वसूलती हैं भारी-भरकम टैक्स
मौजूदा कर व्यवस्था में हर राज्य अपने हिसाब से पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाता है। केंद्र भी अपनी ड्यूटी और सेस अलग से वसूल करता है। पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइज अभी करीब 32 रुपए है। इस पर केंद्र सरकार 33 रुपए एक्साइज ड्यूटी ले रही है। इसके बाद राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं। इससे इनकी कीमत बेस प्राइज से 3 गुना तक बढ़ गई हैं।

दिल्ली और महाराष्ट्र ने की है मांग
दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने की मांग की है। महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का कहना है कि अगर ऐसा किया जाता है तो राज्य सरकारों के साथ केंद्र को भी फायदा होगा।

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