विज्ञान पर हावी भ्रम: मध्यप्रदेश में वैक्सीन से मौत, नपुंसकता और बांझपन की अफवाहें; खौफ इतना कि लोग मुफ्त राशन तक छोड़ने को तैयार


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शिवपुरी5 घंटे पहले

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ग्रामीण अंचल में टीकाकरण मुश्किल हुआ, टीम को देखकर घर में छिप जाते हैं लोग। (प्रतिकात्मक तस्वीर)

वैक्सीन को लेकर ग्रामीण इतने खौफजदा हैं कि सरकार से जारी मुफ्त का राशन तक छोड़ने के लिए तैयार हैं। अधिकर का कहना है कि वैक्सीन लगी तो हम मर जाएंगे। करैरा तहसील के सिरसाैद में गुरुवार काे राशन वितरण के दौरान मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर संतकुमार शर्मा लोगों को समझाने पहुंचे तो लोग नजरें बचाकर बिना राशन लिए लौट गए। जिन बुजुर्गों ने शुरूआत में पहला डोज लगवाया था, वे दूसरा डोज लगवाने से इनकार कर रहे हैं। जबकि यहां 1154 परिवारों में मात्र 500 को राशन मिला है।

कोलारस के बेरखेड़ी गांव में मई में एक महीने का मुफ्त राशन बंटना शेष है और केंद्र से जारी दो महीने का भी राशन मिलना है। इसके बावजूद टीम आने की सूचना पर आदिवासी गायब हो गए। बाद में स्पष्ट कहा कि चाहे राशन न मिले, हम वैक्सीन किसी भी सूरत में नहीं लगवाएंगे।

खनियाधाना तहसील के मुहारीकला में सिर्फ 20 जागरूक् लोगों ही टीके लगवाए हैं। गांव की पूरी आदिवासी बस्ती से एक भी व्यक्ति वैक्सीन लगवाने नहीं आया। कोलारस के टीलाखुर्द में लाेगाें का कहना है कि अब ओरिजनल दवा नहीं लगा रहे हैं।

बुंदेलखंड… कलेक्टर खुद समझाने पहुंचे, लेकिन बेकार
सागर |
वैक्सीन से मौत की अफवाह के चलते सागर संभाग के कई गांवों में ग्रामीणों ने अधिकारियों तक को टका सा जवाब देकर टीका लगवाने से साफ इंकार कर दिया। मालथौन ब्लाक के रोड़ा गांव में दिनभर की मशक्कत के बाद 18 लोगों ने टीका लगवाया। बाकी लोग घरों में ही छिपे रहे।

निवाड़ी जिले के ग्राम बिल्ट में चंद रोज पहले खुद कलेक्टर आशीष भार्गव से एक महिला ने कहा कि टीका लगवाने से वह मर जाएगी। कलेक्टर ने बहुत समझाया पर बेकार रहा। दमोह जिले के बैलवाड़ा में वैक्सीन के बारे में समझाने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को महिलाओं ने खरी-खोटी सुना दी।

इस तरह की अफवाहें हावी

  • वैक्सीन लगाने से लोगों की मौत हो रही है।
  • वैक्सीन के बाद पुरुषों में नपुंसकता आ रही है।
  • महिलाओं के अंदर बांझपन आ जाता है।
  • कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं।

कमिश्नर बोले- ग्रामीणों से संवाद करेंगे, रणनीति बदली है
ग्वालियर कमिश्नर आशीष सक्सेना का कहना है कि इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं। इसलिए रणनीति बदली है। पहले उन लोगों का टीकाकरण करेंगे, जो इच्छुक हैं। इसके अलावा गांवों में कोटवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बीएलओ आदि लगातार संवाद करेंगे। इसके लिए जिपं सीईओ को जिम्मा सौंपा है।

प्रशासन के सामने लोगों के अजीब तर्क

  • मुरैना के डोंडरी और रोरियापुरा में महिलाओं ने पोरसा बीएमओ से कहा- स्टाम्प पर लिखकर दो कि वैक्सीन से तबीयत नहीं बिगड़ेगी।
  • गुना जिले के गांवों में लोग टीम से कह रहे हैं कि जब हम बीमार नहीं तो इंजेक्शन क्यों लगवाएं?
  • रतलाम जिले के आम्बा, रावटी, सैलाना आदि क्षेत्रों में लोग कहते हैं वैक्सीन लगवाएंगे तो हम मर जाएंगे।

बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर : अफवाहों के चलते कई जगह टीम को खदेड़ा
बालाघाट, शहडाेल, सिवनी, डिंडाेरी, अनूपपुर, मंडला आदि जिलाेें में वैक्सीन से नपुंसकता, बांझपन, बीमारी और माैत की अफवाहें बड़े स्तर पर फैली हुई हैं। बालाघाट के ग्राम टेकाडी में ग्रामीणों ने टीम को वैक्सीन नहीं लगाने दी तो उमरिया में करकेली विकासखंड के कौड़िया और धनवार गांव में सर्वे टीम से अभद्रता व मारपीट की कोशिश हुई।

पुलिस ने पहुंचकर स्थिति संभाली। शहडोल, डिंडोरी में कई टीकाकरण केंद्रों में लोग पहुंच ही नहीं रहे हैं। सिवनी के छपारा में वैक्सीनेशन के लिए समझाने गई टीम को बैरंग वापस लौटा दिया गया। अनूपपुर में जागरुकता के लिए अब अधिकारियों की ड्यूटी गांव में लगाई जा रही है।

सरकार भी चिंतित… गांवों में घूमेगी मोबाइल वैन, एलईडी से समझाएंगे
गुरुवार को भोपाल में वैक्सीनेशन के लिए बनी कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में भी यह मुद्दा उठा। तब चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि अब गांवों में एलईडी स्क्रीन के साथ मोबाइल वैन घूमेगी, जो वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करेगी। भ्रम फैलाने वालों को भी रोका जाएगा।

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