विश्व साइकिल दिवस: देश के 41 शहरों में साइकिल फ्रेंडली पहल; साइकिल चलाने से अर्थव्यवस्था को 1.8 लाख करोड़ का फायदा, ‘इंडिया साइकिल्स 4चेंज’ अभियान तेज


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नई दिल्ली34 मिनट पहले

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एक रिपोर्ट के मुताबिक साइकिल चलाने से अर्थव्यवस्था को 1.8 लाख करोड़ रुपए का फायदा होता है।

  • साइकिल ट्रैक के लिए 3,900 किमी से ज्यादा सड़कों की पहचान

महामारी के बीच हेल्थ और फिटनेस को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। यही वजह है कि देश में ‘इंडिया साइकिल्स4चेंज’ अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। 41 शहरों में तो साइकिल फ्रेंडली पहल भी शुरू हो गई है। इस अभियान को केंद्र ने पिछले साल शुरू किया था। इन शहरों में साइकिल ट्रैक के लिए सर्वे किया जा रहा है। साइकिल चालकों से परेशानियां पूछी जा रही है।

107 शहरों में 400 किमी मुख्य और 3,500 किमी से ज्यादा अन्य सड़कों की पहचान की गई है। कई आयोजन, रैलियां, ऑनलाइन अभियान भी चल रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक साइकिल चलाने से अर्थव्यवस्था को 1.8 लाख करोड़ रुपए का फायदा होता है।

107 शहरों ने कराया था रजिस्ट्रेशन, 41 में पहल शुरू: इन शहरों में दिल्ली, गुरुग्राम, हैदराबाद, तुमकुरू, नागपुर, बड़ौदा, कोच्चि, अहमदाबाद, कोहिमा, सिलवासा, इंदौर, मेंगलुरू, बंेगलुरू, औरंगाबाद, दावनगेरे, देहरादून, राजकोट, काकीनाडा, सागर, कलबुर्गी, चंडीगढ़, सूरत, अमृतसर, करनाल, उदयपुर, भुवनेश्वर, अगरतला, मैसुरू, जबलपुर, वारंगल, फरीदाबाद, भोपाल, नासिक, कोलकाता, सतना, करीमनगर, पिंपरी-चिंचवड़, पणजी, हुबली, धारवाड़, रायपुर और सहारनपुर भी शामिल हैं।

चंडीगढ़ ने सिग्नल, औरंगाबाद ने टायरों से बनाई लेन

चंडीगढ़ ने साइकिल सिग्नल लगाए हैं, तो औरंगाबाद ने पुराने टायरों का इस्तेमाल कर रास्ता अलग किया है। भुवनेश्वर, सूरत, कोच्चि ने ट्रैफिक कोन और पेंट के जरिए साइकिल लेन बनाई है। वडोदरा और गुरुग्राम ने तो रंगीन चौराहों के जरिए साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए रास्तों को सुरक्षित बनाया है।

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