वैक्सीनेशन में फर्जीवाड़ा: 18+ वाले चहेतों को रिपोर्ट में 45+ दिखा लगाई वैक्सीन, जन आधार से खुली पोल


जोधपुर41 मिनट पहले

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फॉर्म में गलत जन्मतिथि गलत के साथ ही फर्जी हेल्थकेयर वर्कर दिखाया।

  • पार्षद का पैसे वसूल फ्री टीके लगाने का आरोप

शहर में 18 से 44 आयुवर्ग के लाखों लोग बेसब्री से वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए वे स्लॉट बुक करवाने की जद्दोजेहद में लंबे समय से लगे भी हैं। हालांकि करीब 2 सप्ताह से इन नागरिकों को वैक्सीन ही नहीं लग रही है। हालांकि इस बीच टीकाकरण के कई जिम्मेदारों द्वारा फर्जीवाड़ा करने की शिकायत सामने आई है।

नगर निगम उत्तर वार्ड 8 के पार्षद भरत आसेरी ने इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भेजी है। आसेरी के अनुसार कई कार्मिक 18 प्लस आयुवर्ग वालों को अपनी रिपोर्ट में 45+ का दिखाकर वैक्सीन लगा रहे हैं। इनमें से कुछ अपने चहेतों को तो कुछ रुपए वसूलकर जेबें भर रहे हैं।

उन्होंने प्रतापनगर सेटेलाइट हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. दिनेश व्यास व अन्य द्वारा वैक्सीनेशन में धांधली किए जाने की जांच कराने की मांग की है। पार्षद आसेरी की शिकायत के अनुसार इस सरकारी हॉस्पिटल में 45+ की वैक्सीन 18+ को लगाई और फाॅर्म में फर्जी जानकारी भर दी। ऐसे ही कुछ लाभार्थियों के जन आधार से उनकी उम्र का खुलासा हुआ तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया।

फर्जीवाड़े के सबूत: फाॅर्म में जन्मतिथि गलत भरी
आसेरी की शिकायत से जुड़े इस प्रकरण में फर्जीवाड़े के दस्तावेज भास्कर के पास भी मौजूद हैं। पड़ताल में वैक्सीनेशन के फाॅर्म पर जो जन्मतिथि अंकित की गई थी, वो हकीकत में संबंधित व्यक्ति के आधार से मेल नहीं खा रही। वैक्सीनेशन के समय फॉर्म में वैक्सीन लगाने वाले की पूरी जानकारी दी गई।

उसमें उसके मोबाइल नंबर भी सही लिखे, लेकिन उम्र लिखते समय उसे 45+ दर्शाया गया। फॉर्म में अंकित मोबाइल नंबर की जन आधार में जांच की तब संबंधित व्यक्ति की डिटेल सामने आ गई। उसमें उम्र 18+ पाई गई। वहीं टीकाकरण में इन्हें हेल्थवर्कर बताया गया।

क्षेत्रवासी बोले- सरकारी हॉस्पिटल में मनमाने नियम
प्रतापनगर सेटेलाइट अस्पताल के इंचार्ज के मनमाने रवैये से क्षेत्रवासी परेशान हैं। क्षेत्रवासियों के मानें तो अस्पताल मनमाने समय पर खुलता व बंद होता है। यहां ईसीजी, ऑपरेशन थिएटर आदि की सुविधाएं होने के बावजूद आम जनता वंचित है।

5 को बता दिया हॉस्पिटल का स्टाफ: पार्षद आसेरी ने हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों को शिकायत की कॉपी के साथ फर्जीवाड़े के सबूत भी सौंपे। इनकी कॉपी भास्कर के पास भी है। इनमें 5 फाॅर्म ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए हेल्थकेयर वर्कर या हॉस्पिटल का कंप्यूटर ऑपरेटर बताया गया। हैरानी की बात है कि इन 5 में से कोई भी प्रतापनगर सेटेलाइट हॉस्पिटल में कार्यरत नहीं है। एक सेटेलाइट हॉस्पिटल में दो कंप्यूटर ऑपरेटर व तीन हेल्थकेयर वर्कर के बारे में किसी को कोई जानकारी तक नहीं है।

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