वैक्सीन की बर्बादी: कोवैक्सीन की पहली खेप स्टोर में डंप, मंत्री ने दोहराया कि राज्य में नहीं लगने देंगे…फिर भी पहुंच गई दूसरी खेप


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रायपुर4 मिनट पहले

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कोवैक्सीन की दूसरी खेप एयरपोर्ट पहुंची।

  • कार्गो विमान से 33 हजार कोवैक्सीन टीके और पहुंचे, अब कुल 85 हजार डोज

छत्तीसगढ़ में कोरोना के दूसरे टीके यानी कोवैक्सीन के इस्तेमाल पर स्वास्थ्य विभाग ने अघोषित रोक लगा रखी है और इधर, सोमवार को एक मालवाहक विमान इसी टीके की दूसरी खेप लेकर राजधानी पहुंच गया है। प्रदेश में अभी कोविशील्ड के टीके लग रहे हैं।

पहली खेप में कोवैक्सीन के करीब 53 हजार टीके पहुंचे थे। इन्हें स्टेट वैक्सीन स्टोर में रख दिया गया और इसी के 32 हजार टीके और पहुंच गए। इन्हें भी वैक्सीन स्टोर में रख दिया गया है, लेकिन शासन ने फिर साफ कर दिया है कि कोवैक्सीन के तीसरे ट्रायल के नतीजे जब तक नहीं जारी होंगे, उन्हें नहीं लगने दिया जाएगा। इस तरह, प्रदेश में अब तक कोवैक्सीन के 85 हजार डोज भेजे गए हैं और ये सभी मई माह में एक्सपायर्ड होंगे। संकेत मिले हैं कि छत्तीसगढ़ में मार्च तक प्रदेश में केंद्र सरकार कौवैक्सीन के 1.49 लाख डोज भेजने वाली है, लेकिन जब तक शासन की अनुमति नहीं होगी, ये टीके स्टोर में ही पड़े रहेंगे।

प्रदेश में फिलहाल हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर का एक साथ टीकाकरण हो रहा है। 3.12 लाख टीके के टारगेट में अब तक 1.80 लाख डोज लग चुके हैं। प्रदेश में 1.80 लाख से ज्यादा टीकाकरण में कोविशील्ड का साइड इफेक्ट केवल 32 लोगो में ही रिपोर्ट हुआ है। प्रदेश में अब तक 57. 82 फीसदी टीकाकरण हुआ है।

क्या कोवैक्सीन ट्रायल प्रदेश के लोगों पर करना चाह रहा है केंद्र : सिंहदेव
कोवैक्सीन की दूसरी खेप आने को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने भास्कर से कहा कि केंद्र सरकार ऐसा करके कहीं प्रदेश के लोगों को कोवैक्सीन के ट्रायल में तो नहीं झोंकना चाह रही है? यह तरीका पूरी तरह अनैतिक है। हम पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी लिखकर बता चुके हैं कि कोवैक्सीन के डोज हमें तीसरे चरण का ट्रायल पूरा हुए बिना नहीं भेजे जाएं।

फिर भी, केंद्र की ओर से इस तरह कोवैक्सीन की खेप भेजने से ऐसा संदेह होता है कि कहीं मंशा गलत तो नहीं है? उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन के साथ एक फॉर्म भी भेजा जा रहा है। इसका मतलब ही यही है कि इसका ट्रायल पूरा करने का खपा देने की मंशा है। मंत्री सिंहदेव ने दोहराया कि तीसरा चरण का ट्रायल जब तक नहीं होगा, ये टीका प्रदेश में किसी को भी नहीं लगने देंगे।

इस हफ्ते मिलेंगे कोविशील्ड के 2.28 लाख नए डोज
प्रदेश को इस हफ्ते कोविशील्ड के 2.28 लाख डोज मिलने जा रहे हैं। अब तक इस टीके के 6.00 लाख से डोज मिल चुके हैं। इसके अलावा मार्च के महीने में 2 किश्तों में 1.49 लाख डोज कोवैक्सीन के भी प्रदेश में आएंगे। प्रदेश में 2.80 लाख के टारगेट के मुकाबले अब तक 57.85% टीकाकरण पूरा हो चुका है। 1.80 लाख से ज्यादा लोगों को टीके लगाए गए हैं।

इसमें से एडवर्स इफेक्ट के 32 केस दर्ज किए गए हैं। हेल्थ विभाग का दावा है कि वैक्सीन के प्रतिकूल प्रभाव के जितने भी मामले अब तक सामने आए हैं, उनमें से किसी को भी कोई गंभीर शिकायत नहीं देखी गई है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमरसिंह ठाकुर के मुताबिक सामान्य शिकायत में हल्का बुखार, हाथ में सूजन या दर्द जैसी शिकायतें देखी गई है।

हालांकि सभी 28 जिलों में टीके लगवाने वाले 1.50 लाख लोगों की सतत मॉनिटरिंग भी की जा रही है, ताकि अगर कोई बड़ी दिक्कत सामने आती है तो उसका तुरंत निदान किया जा सके। प्रदेश के 16 जिले बालोद, बलोदाबाजार,बलरामपुर, बिलासपुर, कोंडागांव आदि में वैक्सीन लगाने के बाद एक भी एडवर्स इफेक्ट का मामला सामने नहीं आया है।

कवर्धा में प्रतिकूल प्रभाव के सबसे ज्यादा 12 केस सामने आए हैं। इसके बाद बस्तर जिले में सर्वाधिक 4 केस दर्ज हुए हैं। रायपुर जिले में अब तक लगे 16 हजार से ज्यादा टीकों में केवल एक ही केस है। प्रदेश में 28 जिलों में अब तक 3409 से ज्यादा टीकाकरण सत्र हो चुके हैं। जिसमें 167772 वैक्सीन लगाए हैं।

प्रदेश में 16 जनवरी से 6 फरवरी के बीच 3409 टीकाकरण के सत्रों में केवल 49.07 फीसदी ही हर दिन टीकाकरण हो पा रहा है। यानी सौ में से केवल 49 लोग ही हर दिन टीकाकरण करवा रहे हैं। कम औसत टीकाकरण की रफ्तार में शुरुआत से ही बड़ी बाधा रहा है। हालांकि प्रदेश में पहले चरण के पार्ट वन और दो को मिलाकर अब 1.12 लाख टीके लगने बाकी है। हालांकि फ्रंट लाइन वर्कर के नाम अभी भी जुड़ रहे हैं, इसलिए अभी 2.80 लाख का टारगेट अभी और बढ़ेगा।

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