साल का पहला सूर्यग्रहण आज: देश में दोपहर 1.42 से शाम 6.41 तक रहेगा ग्रहण; सिर्फ लद्दाख और अरुणाचल में दिखेगा, बाकी देश में सूतक मान्य नहीं


9 मिनट पहले

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सूर्यग्रहण का सूतक ग्रहण के 12 घंटे पहले शरू हो जाता है। शास्त्रों के मुताबिक जहां ग्रहण दिखता है, वहीं सूतक माना जाता है।- फाइल फोटो।

आज साल का पहला सूर्यग्रहण है। यह नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और एशिया में देखा जा सकेगा। भारत में ग्रहण सूर्यास्त के पहले लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में दिखेगा। इस दिन 148 साल बाद शनि जयंती का भी संयोग बन रहा है। इससे पहले शनि जयंती पर सूर्यग्रहण 26 मई 1873 को हुआ था।

वेबसाइट टाइम एंड डेट के मुताबिक भारतीय समय के मुताबिक दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 41 मिनट तक सूर्यग्रहण रहेगा। यानी भारत में सूर्यग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे की होगी।

भारत में जहां सूर्यग्रहण दिखेगा वहीं सूतक लगेगा
सूर्यग्रहण का सूतक ग्रहण के 12 घंटे पहले शरू हो जाता है। शास्त्रों के मुताबिक जहां ग्रहण दिखता है, वहीं सूतक माना जाता है। सूतक के दौरान कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता। इस दौरान खाना बनाना और खाना भी अच्छा नहीं माना जाता। यहां तक कि सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। लेकिन आज के सूर्यग्रहण का सूतक लद्दाख और अरुणाचल को छोड़ देश के बाकी हिस्सों में मान्य नहीं होगा, क्योंकि बाकी जगहों पर ग्रहण दिखेगा ही नहीं।

सूर्य ग्रहण होता क्या है?
जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चांद आ जाता है तो इसे सूर्यग्रहण कहते हैं। इस दौरान सूर्य से आने वाली रोशनी चांद के बीच में आ जाने की वजह से धरती तक नहीं पहुंच पाती है और चांद की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। दरअसल सूर्य के आसपास पृथ्वी घूमती रहती है और पृथ्वी के आसपास चंद्रमा। इसी वजह से तीनों कभी न कभी एक दूसरे के सीध में आ जाते हैं। इन्ही वजहों से सूर्य और चंद्र ग्रहण होता है।

एक साल में कितनी बार सूर्यग्रहण हो सकता है?
ज्यादातर एक साल में दो बार सूर्यग्रहण होता है। ये संख्या ज्यादा से ज्यादा 5 तक जा सकती है, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है। नासा के मुताबिक पिछले 5 हजार साल में सिर्फ 25 साल ऐसे रहे हैं जब एक साल में 5 बार सूर्यग्रहण पड़ा। आखिरी बार 1935 में सालभर के अंदर 5 बार सूर्यग्रहण पड़ा था। अगली बार ऐसा 2206 में होगा। वैसे कोई भी सूर्यग्रहण पृथ्वी के केवल कुछ इलाकों में ही दिखता है।

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