स्कूलों की रैंकिंग: एक अंक लुढ़ककर 8वें पायदान पर पहुंची रैंकिंग


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बूंदी23 दिन पहले

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  • सरकारी स्कूलोंं में जो सुविधाएं हैं, लापरवाही से वह भी पोर्टल पर नकारात्मक अपडेट हो रही

छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज किए जाने से बूंदी जिला रैंकिंग के आधार पर लगातार पिछड़ता जा रहा है।नवंबर माह में जहां बूंदी जिला 7वें स्थान पर था, वो दिसंबर में आठवें पायदान में पहुंच गया है। इस माह की आने वाली रैंक में बूंदी जिले के एक बार फिर पिछड़ने के आसार हैं। कारण यह है कि संस्था प्रधानों का जिले की रैंक को सुधारने की ओर ध्यान हीं नहीं है। इसे लापरवाही ही कहा जा सकता है। सरकारी स्कूलों में जो सुविधाएं हैं, उन्हें भी पोर्टल पर नकारात्मक दर्शाया हुआ है। पिछले दिनों निष्पादन समिति की बैठक में कलेक्टर ने ऐसे संस्था प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। नोटिस दिए भी गए, लेकिन संस्था प्रधानों ने रैंक को सुधारने के लिए इस दिशा में कोई संतोषप्रद प्रगति नहीं की। हालांकि अब शिक्षा विभाग ऐसे संस्था प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई का मानस बना रहा है।^विभागीय अधिकारियों के द्वारा शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेशन कार्य पूरा नहीं किए जाने से रैंक में गिरावट आ रही है, जब तक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित संस्था प्रधानों पर सीधे कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं किए जा सकते हैं।-राजेंद्र भारद्वाज, कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा

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