हाईकोर्ट की सुनवाई में गूंजे फिल्मी तराने: जूही चावला ने 5G पर सुनवाई का वीडियो लिंक शेयर किया, तो एक आदमी ने उनकी फिल्मों के गाने गाए, नाराज कोर्ट ने नोटिस भेजने को कहा



29 मिनट पहले

एक्ट्रेस जूही चावला की 5G टेक्नोलॉजी के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ऑनलाइन सुनवाई की। हाईकोर्ट में जस्टिस जेआर मीढ़ा की बेंच जब दलीलें सुन रही थी, उसी वक्त सुनवाई के पेज पर एक के बाद एक फिल्मी तराने सुनाई देने लगे। दरअसल, जूही चावला ने सुनवाई का वीडियो लिंक सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था। इसी वीडियो लिंक से कई लोग जुड़ गए थे। इस वीडियो को आप खबर के टॉप पर भी देख सकते हैं।

बहस के दौरान किसी व्यक्ति ने गाना गाना शुरू कर दिया- घूंघट की आड़ में दिलबर का… इस पर कोर्ट ने उसे म्यूट करने को कहा। कुछ देर बाद वीडियो लिंक पर दूसरा गाना सुनाई दिया- लाल-लाल होठों पर गोरी किसका नाम है… हद तो तब हो गई, जब सुनवाई के दौरान तीसरा गाना- मेरी बन्नो की आएगी बारात गूंजने लगा। इसके बाद कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कोर्ट मास्टर को इन लोगों कोे खोजकर अवमानना नोटिस देने का आदेश दिया।

एक ही आदमी ने 3 बार गाया गाना
वर्चुअल सुनवाई के बीच एक ही आदमी बार-बार गाने गाकर गायब हो रहा था। इसने सबसे पहले जूही की 1993 की फिल्म हम हैं राही प्यार का गाना ‘घूंघट की आड़ से’ गाया। थोड़ी देर बाद फिर जुड़कर उसने जूही की 1995 की फिल्म नाजायज से ‘लाल-लाल होंठों पे’ गाना शुरू कर दिया। तीसरी बार फिर से जूही की 1993 में आई फिल्म आईना से ‘मेरी बन्नो की आएगी बारात’ गाना गाया। इसके बाद सुनवाई रोकनी पड़ी। जो उस व्यक्ति को पेज से रिमूव करने के बाद ही शुरू हुई।

याचिका पर कोर्ट नाराज, कहा- ये पब्लिसिटी स्टंट
हाईकोर्ट में जस्टिस मीढ़ा की बेंच ने कहा, ‘हम हैरान हैं। ऐसी याचिका कभी नहीं देखी, जिसमें कोई आदमी बिना किसी जानकारी के कोर्ट आता है और कहता है कि जांच करो। अगर याचिकाकर्ता को विषय के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो क्या मामले की सुनवाई की इजाजत दी जा सकती है? हम किस बात की इजाजत दे दें। खामियों से भरी याचिका को मंजूरी दे दें। ऐसा लगता है कि ये याचिका पूरी तरह मीडिया पब्लिसिटी के लिए दाखिल की गई है। ये शॉकिंग है।’ इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

याचिका में जूही ने क्या कहा है?
जूही चावला ने 5G टेक्नोलॉजी लागू किए जाने से पहले इंसानों पर पशु-पक्षियों पर इसके असर की जांच करने की अपील दिल्ली हाईकोर्ट से की थी। जूही ने अदालत से मांग की है कि 5G टेक्नोलॉजी के इम्प्लीमेंटेशन से पहले इसे जुड़ी तमाम स्टडीज को गौर से पढ़ा जाए। खासतौर पर रेडिएशन के प्रभाव की जांच हो। साथ ही यह भी साफ किया जाए कि इस टेक्नोलॉजी से देश की मौजूदा और आने वाली पीढ़ी को किसी तरह का नुकसान तो नहीं है।

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जूही रेडिएशन का विरोध करती रही हैं
जूही चावला अक्सर मोबाइल टावरों से निकलने वाले हानिकारक रेडिएशन की मुखालफत करती रही हैं और इसे लेकर लोगों को जागरूक भी करती रही हैं। 2008 में उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेटर लिखकर मोबाइल टावर और वाई-फाई हॉटस्पॉट से निकलने वाले रेडिएशन से मानव जाति, पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों को होने वाले नुकसान के प्रति आगाह किया था।

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