हिंद महासागर में बढ़ेगी नाैसेना की ताकत: भारतीय नौसेना को मिलेंगी छह और पनडुब्बियां, चीन से मिल रही चुनौती से निपटने की तैयारी, रक्षा मंत्रालय की मंजूरी


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एक मिनट पहले

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संध्यायक की विदाई: नौसेना में 40 साल तक सेवाएं देने वाला आईएनएस संध्यायक 4 जून को सेवामुक्त हो गया।

  • ‘प्रोजेक्ट 75 इंडिया’ के तहत 43 हजार करोड़ का टेंडर जारी होगा, 6800 करोड़ की अन्य खरीदी भी

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए छह परंपरागत पनडुब्बियों के निर्माण को मंजूरी दी है। इस पर करीब 43,000 करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान है। इन पनडुब्बियों के देश में निर्माण के प्रस्ताव का अनुरोध (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) शीघ्र जारी किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में ये फैसला किया गया।

इसमें “प्रोजेक्ट-75 इंडिया’ के तहत छह पनडुब्बियों के निर्माण के लिए निविदा जारी करने की अनुमति दी गई। मंत्रालय ने लगभग 6,800 करोड़ रुपए के हथियारों और उपकरणों की खरीद से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में डीएसी ने सशस्त्र बलों को तत्काल खरीद की समय सीमा 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। डीएसी खरीद संबंधी निर्णय लेने वाली रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च संस्था है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए यह फैसला किया गया है।

नौसेना के पास फिलहाल 15 पनडुब्बियां

भारतीय नौसेना के पास फिलहाल 15 पनडुब्बियां हैं। उसके बेड़े में दो परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत और आईएनएस चक्र भी हैं। नाैसेना ने की योजना 24 नई पनडुब्बियों को हासिल करने की है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी जहाजों की बढ़ती उपस्थिति के मद्देनजर अपने पनडुब्बी संचालन और नौसेना बेड़े का उन्नयन भारतीय नौसेना के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
नौसेना के लिए देश में ही होगा नई पनडुब्बियों का निर्माण

नौसेना के लिए छह पनडुब्बियों का निर्माण आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किया जाएगा। “प्रोजेक्ट-75 इंडिया’ के तहत दो भारतीय कंपनियां एक विदेशी निर्माता के सहयोग से काम कर सकती हैं। प्रोजेक्ट के लिए रिक्वेस्ट ऑफ प्रपाेजल (आरएफपी) मझगांव डॉक्स लि (एमडीएल) और निजी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो को जारी हो सकता है। सूत्रों ने कहा कि इसमें एक महीने लग सकते हैं। नौसेना के सूत्रों के अनुसार इस प्राेजेक्ट के पूरा हाेने में 12 साल लगेंगे।
चीन के पास 50 से अधिक पनडुब्बियां

वैश्विक नौसैनिक विश्लेषकों के अनुसार, चीनी नौसेना के पास अभी 50 से अधिक पनडुब्बियां और लगभग 350 जहाज हैं। अगले 8-10 वर्षों में जहाजों और पनडुब्बियों की कुल संख्या 500 के पार जाने का अनुमान है। भारतीय नौसेना भी सामरिक साझेदारी मॉडल के तहत 57 लड़ाकू जेट, 111 हेलीकॉप्टर और बहु-भूमिका वाले 123 हेलीकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया में है।

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