होली के इस रंग से बचें: गाढ़े-पक्के रंग के फेर में अपनों को जहरीले केमिकल से न सराबोर कर दें आप, ऐसे करें टॉक्सिक रंगों की पहचान


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20 मिनट पहले

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रंगों के बिना होली अधूरी है, मगर रंग अगर सीसा यानी लेड, बारीक पिसे हुए कांच या क्रोमियम जैसे खतरनाक केमिकल से बने हों तो! स्किन एक्सपर्ट्स का कहना है सुरक्षित होली के लिए हर्बल रंगों का इस्तेमाल ही अकेला तरीका है।

डर्मेटोलॉजिस्ट मेजर डॉ. सुधांशु मोहन शुक्ला कहते हैं कि गहरे और लंबे समय तक टिके रहने वाले रंग लगाने की प्रवृत्ति के चलते रंगों में केमिकल, मेटल ऑक्साइड और हैवी मेटल के इस्तेमाल को बढ़ावा मिला है।

केमिकल रंगों में आमतौर पर जहरीले हैवी मेटल और अभ्रक या सिलिका का इस्तेमाल होता है। हैवी मेटल बहुत टॉक्सिक होते हैं। यह हमारे मेटाबॉलिज्म को खराब कर देते हैं और किडनी, लिवर और हड्डियों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं।

पैकेजिंग से न खाएं धोखा, ऐसे करें पहचान

परेशानी की बात यह है कि अक्सर जिन रंगों को हम इको-फ्रेंडली, ऑर्गेनिक या नैचुरल का लेबल देखकर खरीदते हैं, वो खतरनाक केमिकल से बने होते हैं। ऐसे रंग और गुलाल को अच्छी नैचुरल खुशबू के साथ पैकिंग करके बेचा जाता है। तो आइये जानते हैं रंग खरीदते समय कैसे करें केमिकल रंगों की पहचान…

  1. पेट्रोल की गंध तो नहीं रंग को खरीदते समय ध्यान देना चाहिए कि रंग में से किसी तरह के केमिकल या पेट्रोल की गंध तो नहीं आ रही।
  2. पानी में घोल कर जाचें थोड़ा सा रंग लेकर उसे पानी में घोल कर देखें। अगर रंग पानी में नहीं घुलता है तो इसका मतलब है कि उसमें केमिकल मिला है।
  3. रंग में चमकदार कण तो नहीं रंग खरीदते वक्त ध्यान रखें कि कहीं उसमें चमकदार कण तो नहीं, क्योंकि नैचुरल रंग में चमक नहीं होती है।
  4. बेहद गाढ़े रंग न खरीदें गाढ़े रंग न खरीदें क्योंकि नैचुरल रंग बहुत गहरे रंग के नहीं बनते हैं। रंग जितना कच्चा होगा, उसके नैचुरल होने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।

तीन जरूरी सावधानियां

  1. बैंगनी, हरे और गहरे गुलाबी जैसे गहरे रंगों से बचें क्योंकि उनमें केमिकल की भारी मात्रा होती है।
  2. गीले रंग लगाने के बाद ज्यादा देर तक धूप में न निकलें
  3. जल्द से जल्द नहा लें क्योंकि रंगों में मौजूद ज्यादा लेड त्वचा या नाक, मुंह, कान या आंखों से शरीर में जा सकता है।

लग-अलग रंगों में अलग केमिकल होते हैं इस्तेमाल

चमचमाती चांदी जैसे, काले या सफेद रंग के मैटेलिक पेस्ट के रूप में मिलने वाला रंग काफी जहरीला होता है। तो आइये जानते हैं कि इनमें इस्तेमाल होने वाले कौन से केमिकल किस तरह हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं…

सूखे रंगों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल भी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक

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