100 करोड़ की वसूली का आरोप: परमबीर सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, CBI से जांच और ट्रांसफर को दी है चुनौती


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मुंबई/दिल्ली5 मिनट पहले

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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। अपनी याचिका में परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर कथित तौर पर 100 करोड़ की वसूली का आरोप लगाते हुए CBI से इस मामले की जांच करवाने की मांग की है। याचिका में सिंह ने होमगार्ड डिपार्टमेंट में किए अपने तबादले को भी चुनौती दी है। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार का यह आदेश अवैध और मनमाना है।

याचिका में अनिल देशमुख के घर के बाहर की सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर उसकी जांच कराए जाने की भी मांग की है। सिंह की याचिका जस्टिस एस के कौल और आर सुभाष रेड्डी की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध हुई है। सुप्रीम कोर्ट में परमबीर सिंह की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी पैरवी कर सकते हैं।

परमबीर सिंह की याचिका के मुख्य पॉइंट्स

  • गृह मंत्री अनिल देशमुख के घर के बाहर की सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर उसकी जांच कराए जाने की भी मांग।
  • परमबीर सिंह ने याचिका में कहा है कि अगर उनके आरोपों की जांच जल्दी नहीं की गई तो हो सकता है कि अनिल देशमुख सभी सबूतों को मिटा दें और CCTV को नष्ट कर दें। इसलिए इसकी जल्द से जल्द जांच की जाए।
  • अनिल देशमुख ने फरवरी महीने में अपने आवास पर कई मीटिंग की। मुंबई क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) के इंस्पेक्टर सचिन वझे भी इसमें शामिल हुए थे। उस दौरान गृह मंत्री अनिल देशमुख ने वझे को विभिन्न संस्थानों एवं अन्य संसाधनों से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करने को कहा था।
  • 24-25 अगस्त, 2020 को राज्य खुफिया विभाग के इंटेलिजेंस कमिश्नर रश्मि शुक्ला ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को और फिर डीजीपी ने गृह मंत्रालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव को अनिल देशमुख की तरफ से ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार किए जाने की जानकारी दी थी। ये जानकारियां टेलिफोन पर हुई बातचीत को रिकॉर्ड करके जुटाई गई थीं। इस पर अनिल देशमुख के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उल्टे रश्मि शुक्ला को ही ठिकाने लगा दिया गया।

इसलिए नाराज हैं परमबीर सिंह
एंटीलिया के बाहर से जिलेटिन से भरी स्कॉर्पियो बरामदगी मामले में गिरफ्तार अस्सिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे को संरक्षण देने के आरोप के बाद राज्य सरकार ने परमबीर सिंह का ट्रांसफर कर दिया था। उन्हें मुंबई पुलिस कमिश्नर से हटा कर महाराष्ट्र होम गार्ड के डायरेक्टर जनरल का पद दे दिया गया था। इसके बाद ही मुंबई पुलिस के प्रमुख के पद से ट्रांसफर किए गए परमबीर सिंह ने गृह मंत्री अनिल देशमुख पर उगाही के आरोप लगा दिए।

CM और गृह मंत्री की मुलाकात के बाद 65 ट्रांसफर
इस पूरे सियासी घमासान के बीच गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं की बैठक में पुलिस अधिकारी रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इसी के बाद राज्य में 65 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर का आदेश जारी हुई है। इसमें से ज्यादातार क्राइम ब्रांच से जुड़े हुए हैं।

इससे पहले मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उस चिट्ठी का जिक्र किया था, जो राज्य के इंटेलिजेंस विभाग की अफसर रश्मि शुक्ला की ओर से लिखी गई थी। इसी चिट्ठी में रश्मि ने पुलिस के कुछ बड़े अफसरों और अन्य अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के रैकेट में शामिल होने का दावा किया, सबूत के तौर पर कुछ फोन रिकॉर्डिंग होने की बात भी कही गई थी।

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