12वीं की परीक्षा पर मोदी की बैठक: प्रधानमंत्री को परीक्षा कराने के सभी विकल्प बताए जाएंगे, आज ही लिया जा सकता है फैसला


  • Hindi News
  • National
  • Narendra Modi CBSE Meeting Update | PM Modi Meeting, Class 12 Board Examinations, CBSE Class 12 Board Examinations 2021, ICSE Class 12 Board Examinations 2021, PM Modi

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर एक अहम बैठक करने वाले हैं। सू्त्रों के मुताबिक, इस बैठक में प्रधानमंत्री के सामने परीक्षा कराने के सभी विकल्प रखे जाएंगे। ये विकल्प राज्य सरकारों और विभिन्न बोर्ड के साथ लंबी चर्चा के बाद तैयार किए गए हैं। माना जा रहा है कि बोर्ड परीक्षा को लेकर आज ही बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पिछली परफॉर्मेंस के आधार पर छात्रों का आकलन किया जाए। केजरीवाल ने कहा कि पैरेंट्स परेशान हैं। वो नहीं चाहते हैं कि वैक्सीनेशन किए बिना परीक्षा हो।

केंद्र ने फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट से 2 दिन का वक्त मांगा
CBSE और ICSE बोर्ड की परीक्षा पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी हुई थी। इसमें केंद्र ने कहा था कि वह गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना प्लान पेश करेगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आप जो भी निर्णय लेंगे, उसके पीछे आपको मजबूत दलील देनी होगी। जस्टिस खानविलकर ने कहा कि छात्रों को बहुत उम्मीद थी कि इस साल भी पिछले साल की तरह परीक्षा नहीं होगी और नंबरिंग के लिए मेथड सिस्टम अपनाया जाएगा।

शिक्षा मंत्रालय के 3 विकल्प तैयार हैं, PM इन्हें भी देखेंगे
सूत्रों ने भास्कर को बताया कि परीक्षाएं कराने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इंतजार है तो बस प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की हरी झंडी मिलने का। बैठक आज ही होनी है और इसीलिए कहा जा रहा है कि फैसला भी आज ही लिया जा सकता है। शिक्षा मंत्रालय के 3 प्रपोजल हैं।

  • पहला प्रपोजल: 12वीं के मुख्य विषयों यानी मेजर सब्जेक्ट्स का एग्जाम लिया जा सकता है। साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के केवल 3 मुख्य विषयों की ही परीक्षा लेने के बाद बाकी सब्जेक्ट्स में मुख्य विषयों पर मिले नंबर्स के आधार पर मार्किंग का फॉर्मूला भी बन सकता है।
  • दूसरा प्रपोजल: 30 मिनट की परीक्षाएं होंगी और इनमें ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में विषयों की संख्या भी सीमित कर दी जाएगी, पर इसके बारे में स्पष्ट अभी कुछ नहीं बताया गया है।
  • तीसरा प्रपोजल: अगर देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति ठीक नहीं होती है तो 9वीं, 10वीं और 11वीं तीनों का इंटरनल असेसमेंट किया जाएगा। इसके बाद इसके आधार पर ही 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। पर, इस प्रपोजल को लेकर भी फॉर्मूला अभी साफ नहीं किया गया है।

छात्रों ने लिखी थी चीफ जस्टिस को चिट्ठी
3 हजार छात्रों ने परीक्षाओं को लेकर करीब एक हफ्ता पहले चीफ जस्टिस एनवी रमना को चिट्ठी लिखी थी। कहा था, ‘कोरोना के बीच फिजिकल एग्जाम कराने का CBSE का फैसला रद्द कर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट असेसमेंट का वैकल्पिक तरीका तय करने का निर्देश दे। देश में कोविड-19 के चलते कई स्टूडेंट्स ने अपने परिवार वालों को खोया है। ऐसे में इस समय फिजिकली परीक्षा कराना न सिर्फ लाखों छात्रों और टीचर्स की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि उनके परिवार वालों के लिए भी यह परेशानी का सबब है।’

खबरें और भी हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *