12वीं पास फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार: युवक ने फर्जी आदेश से अंबाह अस्पताल में 5 महीने डॉक्टर बनकर की नौकरी, जेल से छूटते ही जिला अस्पताल में देखने लगा मरीज


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मुरैनाएक घंटा पहले

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आरोपी संजय सिंह माहौर निवासी गौसपुर हाल निवासी तुस्सीपुरा जिला अस्पताल में 5-6 दिन से मेडिकल ऑफिसर की फर्जी आईडी लेकर घूम रहा था।

  • पढ़ाई में कमजोर होने पर डॉक्टर नहीं बन सका तो मुन्नाभाई एमबीबीएस मूवी देखकर जिला अस्पताल में फर्जी डॉक्टर बनकर देखने लगा मरीज
  • 7 दिन से अस्पताल में मरीजों का कर रहा था चेकअप, वार्ड में नर्सों को हड़काते हुए कहता था- केस शीट लाओ, बताओ क्या दवाएं दीं

12वीं पास युवक पढ़ाई में कमजोर होने की वजह से डॉक्टर नहीं बन सका तो उसने “मुन्नाबाई एमबीबीएस’ मूवी देखी और निकल गया डॉक्टर बनने। फर्जी ज्वाइनिंग लैटर के आधार पर मई 2019 में अंबाह अस्पताल में नौकरी ज्वाइन कर ली।

5 महीने नौकरी करने के बाद जब उसका राज खुला तो उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। केस दर्ज होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। लेकिन जेल से छूटने के बाद भी उसका डॉक्टर बनने का मोह कम नहीं हुआ। वह फर्जी मेडिकल ऑफिसर की आइडी लेकर जिला अस्पताल पहुंच गया।

यहां 7 दिन तक न सिर्फ मरीजों का चेकअप किया बल्कि वार्डों में भर्ती मरीजों का इलाज करने भी पहुंच गया। रविवार को जब नर्सों को शंका हुई तो इसकी सूचना मेडिकल विशेषज्ञ डॉ. योगेश तिवारी और आरएमओ डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता को दी गई। इसके बाद इस आरोपी युवक को सिटी कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने इस युवक के खिलाफ धारा 420 का केस दर्ज किया है।

महिला मरीजों की केसशीट मांगकर नर्सो से पूछा-आप ठीक से इलाज कर रहे हैं या नहीं
आरोपी संजय सिंह माहौर निवासी गौसपुर हाल निवासी तुस्सीपुरा जिला अस्पताल में 5-6 दिन से मेडिकल ऑफिसर की फर्जी आईडी लेकर घूम रहा था। ओपीडी में आने वाले मरीजों के पर्चे देखकर कभी उनके ऊपर रौब झाड़ता। कभी वार्डों में ड्यूटी करने वाली नर्सों को डॉक्टर बनकर हड़काता। अचानक नए डॉक्टर को देखकर नर्सों भी हैरात थीं।

उन्होंने इसकी सूचना आरएमओ डॉ. धर्मेंद गुप्ता को दी। रविवार को जैसे ही संजय सिंह फीमेल मेडिकल वार्ड में पहुंचा और नर्सों से मरीजों की केस सीट मांगी तो नर्सों ने तत्काल ड्यूटी डॉक्टर योगेश तिवारी को बुला लिया। डॉ. तिवारी ने संजय सिंह माहौर से चर्चा की तो वह मेडिकल लेंग्वेज का जबाव ही नहीं दे सका। तत्काल आरएमओ डॉ. गुप्ता को बुलाया गया। तलाशी लेने पर युवक के पर्स से मेडिकल ऑफिसर की फर्जी आईडी मिली। तत्काल सिटी कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
संजय सिंह नामक डॉक्टर का ट्रांसफर हुआ, एक जैसा नाम का आदेश निकाला और अंबाह में बना डॉक्टर
जिला अस्पताल में पदस्थ संजय सिंह नामक एक डॉक्टर का 2019 में मुरैना से टीकमगढ़ तबादला हुआ। इसी डॉक्टर के तबादला आदेश की कॉपी आरोपी संजय सिंह माहौर नामक युवक ने डाउनलोड की और उसमें कांटछांट कर अंबाह अस्पताल में 30 मई 2019 को ज्वाइनिंग ले ली। अंबाह के बीएमओ डॉ. डीएस यादव ने भी उनका आवेदन मार्क कर स्थापना भेज दिया।

आरोपी युवक 5 महीने तक अस्पताल की ओपीडी में बैठकर मरीजों का चेकअप करता रहा। नवंबर 2019 में शंका होने पर जब युवक के दस्तावेज मांगे तो यह छुट्‌टी लेकर गायब हो गया। बाद में इसे मोबाइल लोकेशन के आधार पर मुरैना शहर के तुस्सीपुरा से पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया गया। लेकिन जेल से छूटते ही यह फिर जिला अस्पताल में डॉक्टर बनकर मरीजों का चेकअप करने लगा।

आरोपी के जेब से मिली हैं फर्जी आईडी

  • फर्जी डॉक्टर बनकर अस्पताल में भर्ती मरीजों का राउंड लेकर चेकअप करने वाले युवक संजय सिंह माहौर को हमने पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। गनीमत रही कि उसने किसी मरीज को दवाईयां नहीं लिखी नहीं तो जान पर बन आती। हमनें उसे पुलिस के सुर्पुद कर दिया है।डॉ. धर्मेंद गुप्ता, आरएमओ जिला अस्पताल

धोखाधड़ी का केस किया है दर्ज

  • जिला अस्पताल में फर्जी डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करते हुए पकड़े युवक संजय सिंह के खिलाफ हमने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। युवक साइको लग रहा है, क्योंकि अंबाह में भी वह फर्जी डॉक्टर बनकर 5 महीने मरीजों का इलाज कर चुका है। फिर भी हम उससे पूछताछ कर रहे हैं।आरती चराटे, टीआई, सिटी कोतवाली मुरैना

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