5 राज्यों में चुनाव के बाद देश में जनगणना: आपके घर में कितने सदस्य हैं, ये पूछने इस साल कोई नहीं आएगा; मई के पहले चरण में होगी शुरुआत


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नई दिल्ली33 मिनट पहलेलेखक: धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया और मुकेश कौशिक

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दैनिक भास्कर के पास उपलब्ध सूचना के अनुसार जनगणना को लेकर सरकार ने नए कार्यक्रम को अंतिम रुप दे दिया है। (सिम्बॉलिक इमेज)

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव मई में पूरे होने के बाद देश में जनगणना के पहले चरण की शुरुआत हो जाएगी। हालांकि ‘आपके घरों में कितने व्यक्ति हैं?’ और ‘बीते दशक में कितने नए सदस्य जुड़े हैं’, ऐसे सवाल पूछने के लिए आपके दरवाजे पर दस्तक देने जनगणनाकर्मी अप्रैल-2022 से पहले नहीं आएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि अब जनगणना की यह सारी कवायद अगले चार साल में फैल गई है।

दैनिक भास्कर के पास उपलब्ध सूचना के अनुसार जनगणना को लेकर सरकार ने नए कार्यक्रम को अंतिम रुप दे दिया है। हर दस साल में होने वाली इस कवायद के साथ नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट किया जाना है।

महामारी के बाद की परिस्थितियों में एनपीआर करने के लिए देशवासियों को अपने परिवार के बारे में सूचनाएं स्वैच्छिक रुप से ऑनलाइन अपडेट करने की छूट दी जाएगी। इस तरह पहले चरण में मकानों की गणना और एनपीआर डेटा अपडेट होगा। इस कवायद में 30 लाख मैदानी कर्मचारी लगेंगे। कुल पांच चरणों से गुजरते हुए देश के पास 2024-25 तक आबादी के अंतिम और प्रामाणिक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।

एनपीआर अपडेशन में आधार डेटा का इस्तेमाल नहीं

गृह मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति की ताजा रिपोर्ट भी सोमवार को राज्यसभा में पेश की गई। इसमें बताया गया कि एनपीआर को अपडेट करने के लिए इस बार आधार डेटा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। हालांकि अगली बार के अपडेशन के लिए आधार कार्ड ही काम आ जाएगा। इस बार आधार को स्वैच्छिक रुप से एनपीआर के साथ जोड़ा जा रहा है। यह अगले अपडेट में उपयोगी साबित होगा।

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