6 राज्यों में मौत का मंजर और सांसों पर संकट: कोरोना की दूसरी लहर में हालात भयानक; शमशानों में जगह नहीं, ऑक्सीजन की कमी, फिर भी लापरवाही…देखें ये तस्वीरें


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एक मिनट पहले

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सूरत में कोरोना पॉजिटिव 14 दिन के नवजात की मौत हो गई, 11 दिन तक चले इलाज के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।

कोरोना की दूसरी लहर में देश के कई राज्यों में हालात भयानक हो गए हैं। शमशान घाटों और कब्रिस्तान में जगह कम पड़ रही है। अस्पतालों में बेड खाली नहीं, ऑक्सीजन और रेडसिमिर इंजेक्शन का संकट बना हुआ। ऑक्सीजन की कमी और बेहतर इलाज न मिल पाने के कारण कई राज्यों में मौतों का आंकड़ा बढ़ गया है। ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए कोरोना मरीज के परिजन इधर-उधर भटक रहे हैं। इन तस्वीरों में देखिए इन राज्यों में कितने भयानक हैं हालात…

गुजरात: 15 दिन में 14.40 लाख किलो लकड़ी से जलाई गईं चिताएं

सूरत के सिविल अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव 14 दिन के नवजात की मौत हो गई। 11 दिन तक चले इलाज के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका, यह पहला मामला है जब यहां इतने कम उम्र के बच्चे की मौत हुई है। इधर, गुजरात में सूरत अहमदाबाद, राजकोट और वडोदरा जैसे शहरों में रोजाना करीब 600 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसमें करीब 96 हजार किलो लकड़ी का प्रयोग हो रहा है। 15 दिन में 14.40 लाख किलो लकड़ी से चिताएं जलाई गईं हैं।

मध्य प्रदेश: मेरा मरीज, मेरी ऑक्सीजन…​​​​ मांग 100 टन, मिल रही 70, बाकी परिजन के जिम्मे

मप्र के इंदौर के मेदांता अस्पताल में 77 वर्षीय महिला करीब 12 दिन से भर्ती है, परिजन अब तक 10 सिलेंडर ला चुके हैं। बुधवार को स्टाफ ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी है। अब परिजनों के लिए भी ऑक्सीजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है, इसे देखते हुए महिला को आज एयर लिफ्ट कर जयपुर शिफ्ट किया जा सकता है। उधर, शहर के अस्पतालों में 100 टन ऑक्सीजन की रोजाना मांग हो रही है, लेकिन उन्हें करीब 70 टन ऑक्सीजन की सप्लाई ही हो पा रही है।

राजस्थान: पहाड़गंज मोक्षधाम में अंतिम संस्कार, एक बिना पीपीई किट के शामिल

राजस्थान के अजमेर जिले में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 26 हजार के पार हो गया है। यहां सिर्फ 18 दिन में ही दो हजार नए मरीज मिले हैं। इसके बाद भी यहां लापरवाही देखने को मिल रही है। पहाड़गंज मोक्षधाम में अंतिम संस्कार करने के लिए एक कोरोना पॉजिटिव का शव लगाया गया, इस दौरान एक व्यक्ति बिना पीपीई किट के नजर आया।

हरियाणा: 4 घंटे बाद चिता को पानी छिड़ककर ठंडा किया, ताकि दूसरे शवों काे का कर सकें अंतिम संस्कार

हरियाणा में रोहतक के श्मशान घाट में दो शिफ्ट में अंतिम संस्कार किया जाने लगा है। यहां पीजीआई में पहली बार एक दिन में 8 लोगों की मौत हुई। कोविड-प्रोटोकॉल से संस्कार के लिए एंबुलेंस में 4-4 शव ले जाए गए। जगह कम पड़ने पर 2 शिफ्टों में इनका संस्कार किया गया। 4 शवों के अंतिम संस्कार के मात्र 4 घंटे बाद ही चिता को पानी छिड़ककर ठंडा किया, ताकि बाकी शवों के संस्कार की तैयारी की जा सके।

छत्तीसगढ़: शवों की कतार से प्लेटफॉर्म फुल, इसलिए जमीन पर अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ के रायपुर में महादेव घाट के श्मशान घाट में शवों को जलाने के लिए प्लेटफार्म पर जगह नहीं रही, इसलिए शवों का नीचे ही अंतिम संस्कार किया गया। पिछले तीन दिनों में यहां 20 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार जा चुका है।

झारखंड: घाघरा में शव आने से पहले तैयार हो रही चिताएं, 22 शवों का सामूहिक दाह संस्कार

झारखंड के रांची में रोजाना 20 से अधिक कोरोना संक्रमित शव जलाए जा रहे हैं। हालत यह है कि यहां शव आने से पहले चिताएं तैयार की जा रही हैं। शहर के श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में दाह संस्कार के लिए शव की लाइन लगी है। इससे घाघरा श्मशान घाट पर 22 कोरोना संक्रमित शवों का सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार किया गया।

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