8 तस्वीरों में देखें तबाही की बारिश: हिमाचल, बंगाल और सिक्किम में पहाड़ ढहे, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बादल फटा, महाराष्ट्र की बारिश 150 से ज्यादा लोगों को लील गई


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नई दिल्ली/7 मिनट पहले

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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में पहाड़ के साथ सड़क भी धसक गई। यह चंडीगढ़ से देहरादून को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है।

देश के कई राज्यों में मानसून की बारिश ने पिछले 10 दिनों से तबाही मचा रखी है। उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और सिक्किम से लेकर महाराष्ट्र और अब बंगाल भी इसके चपेट में आ गया है। इन राज्यों में बारिश के साथ ही लैंडस्लाइड और बादल फटने की घटनाओं में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले महाराष्ट्र में ही 150 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई है। तबाही का यह मंजर 8 तस्वीरों में देखें…

सिक्किम में लैंडस्लाइड, रेल सुरंग में काम कर रहे 8 मजदूर बहे; 1 की मौत

ममखोला मेंसेवक-रंग्पो रेल परियोजना पर काम के दौरान पहाड़ से चट्‌टानें गिरने लगीं।

ममखोला मेंसेवक-रंग्पो रेल परियोजना पर काम के दौरान पहाड़ से चट्‌टानें गिरने लगीं।

सिक्किम के ममखेला में भारी बारिश के दौरान हुई लैंडस्लाइड की घटना में सुरंग में काम कर रहे 8 मजदूरों की बहने की खबर है। इसमें एक की मौत हो चुकी है। ममखोला में सेवक-रंग्पो रेल परियोजना पर काम के दौरान ये हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान सुरंग के आसपास पहाड़ से चट्‌टानें गिरने लगीं और मजदूर सुरंग में फंस गए थे। इस दौरान यहां बनाया गया अस्थायी कैंप बह गया। स्थानीय लोगों ने 3 लोगों का रेस्क्यू किया है। दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी की तलाश जारी है।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में पहाड़ के साथ सड़क भी ढहा

हादसे के दौरान सड़क के दोनों तरफ से वाहनों को दूर हटाया गया।

हादसे के दौरान सड़क के दोनों तरफ से वाहनों को दूर हटाया गया।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में भारी भूस्खलन हुआ है। पांवटा साहिब से रोहड़ू जाने वाला नेशनल हाईवे 707 बड़वास के पास पहाड़ समेत धंस गया। हादसे के दौरान सड़कों से वाहन गुजर रहे थे। लेकिल जिस दौरान पहाड़ दरकना शुरू हुआ तब वाहनों को दोनों तरफ से रोक लिया गया। अगर वाहन सड़क पर चल रहे होते तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। सैकड़ों की संख्या में लोग रास्ते में फंस गए और कई घंटे से लंबा जाम लगा हुआ है।

मंडी में पार्किंग में खड़ी कारों पर गिरा टीन का शेड

मंडी जिले में पार्किंग में खड़ी कारों पर टीन का शेड गिर गया, जिसमें वाहनों को नुकसान हुआ है।

मंडी जिले में पार्किंग में खड़ी कारों पर टीन का शेड गिर गया, जिसमें वाहनों को नुकसान हुआ है।

वहीं, मंडी जिले में भी बारिश ने कहर मचाया। यहां तेज हवाएं भी चली हैं। जिले में एक पार्किंग में खड़ी कारों पर टीन का शेड गिर गया। पार्किंग में खड़ी 12 कारों पर छत गिरने से भारी नुकसान हुआ है। चार कारों का ऊपरी हिस्सा टूटकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। बाकियों के शीशे टूटे हैं।

बंगाल में लैंडस्लाइड के बाद गंगटोक से सिलीगुड़ी जाने वाला हाइवे ब्लॉक

लैंडस्लाइड से कलिम्पोंग के पास NH-10 बंद हो गई है। यह गंगटोक को सिलीगुड़ी से जोड़ती है।

लैंडस्लाइड से कलिम्पोंग के पास NH-10 बंद हो गई है। यह गंगटोक को सिलीगुड़ी से जोड़ती है।

पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश ने कहर बरपाया है। यहां बारिश के कारण पहाड़ों में दरार आने से मलबा सड़कों पर आ गिरा। लैंडस्लाइड के कारण कलिम्पोंग के पास नेशनल हाइवे-10 की सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है। NH-10 गंगटोक (सिक्किम) को सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से जोड़ता है। सड़क से मलबा हटाने का काम चल रहा है। उधर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और हावड़ा शहर में भी भारी बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है।

महाराष्ट्र को कोरोना महामारी के बाद बारिश ने डराया

रत्नागिरी में राहत कार्य में जुटे एनडीआरएफ के राहतकर्मी।

रत्नागिरी में राहत कार्य में जुटे एनडीआरएफ के राहतकर्मी।

बारिश ने सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र में पहुंचाया है। यहां रत्नागिरी समेत 10 जिलों में बारिश के बाद लैंडस्लाइड, मकान गिरने और बाढ़ जैसी घटनाओं से 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। चिपलून जैसे शहर तो बाढ़ में डूब गए थे। हालांकि, अब यहां स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

कोल्हापुर में कई गांव डूब गए हैं। उनहें सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है।

कोल्हापुर में कई गांव डूब गए हैं। उनहें सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है।

प्रयागराज में गंगा उफान पर, आसपास की बस्तियां खाली करवाईं

गंगा और युमना नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है।

गंगा और युमना नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है।

लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा और यमुना नदियों का जलस्‍तर बढ़ने लगा है। प्रयागराज में भी पिछले छह दिनों से लगातार गंगा-यमुना का पानी बढ़ रहा है। हालांकि बढ़ने की स्‍पीड धीरे ही है लेकिन लगातार जलस्तर बढ़ने से खतरे का संकेत भी दे रहा है। प्रशासन ने दोनों नदियों के किनारे बसी बस्तियों के लोगों को अलर्ट रहने को कहा है।

31 और 1 अगस्त को उत्तराखंड में भी यलो अलर्ट

कुल्लू में भारी बारिश के बाद ब्यास नदी के आस-पास बने घरों तक पानी पहुंच गया।

कुल्लू में भारी बारिश के बाद ब्यास नदी के आस-पास बने घरों तक पानी पहुंच गया।

IMD ने उत्तराखंड में भी 2 अगस्त तक बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार और रविवार के लिए देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

MP के 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
IMD ने अगले 24 घंटे में मध्य प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इनमें श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दतिया, शिवपुरी, अनूपपुर, डिंडोरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, बालाघाट और मंडला शामिल हैं। इन जिलों में अगले 24 घंटों में कहीं-कहीं पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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