MP से कोवीशील्ड के 10 हजार डोज गायब: सीरम ने जिस हॉस्पिटल को वैक्सीन की सप्लाई बता दी; वैक्सीनेशन ऑफिसर बोले- जबलपुर में इस नाम का अस्पताल ही नहीं


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जबलपुर36 मिनट पहलेलेखक: संतोष सिंह

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मध्य प्रदेश में कोवीशील्ड की 10 हजार डोज (एक हजार वायल) गायब होने का मामला सामने आया है। टीके की डोज जबलपुर के मैक्स हेल्थ केयर अस्पताल के नाम खरीदी गई थी। इस संबंध में जब जिला टीकाकरण अधिकारी को जानकारी हुई तो उन्होंने जबलपुर में इस नाम के अस्पताल की जानकारी होने से इनकार कर दिया।

फिर दो दिनों तक अस्पताल की खोज की गई लेकिन इस नाम के अस्पताल का कुछ पता नहीं चला। अब सवाल ये है कि आखिर कोवीशील्ड की खरीदी किसने की और वैक्सीन अभी कहां है?

मध्यप्रदेश में कुल छह निजी अस्पतालों ने सीरम इंस्टीट्यूट से सीधे कोवीशील्ड खरीदा है। इसमें जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर की एक-एक तो इंदौर की तीन निजी अस्पताल शामिल हैं। प्रदेश के सभी 6 निजी अस्पतालाें ने कुल 43 हजार डोज खरीदी है। इसमें जबलपुर के नाम से मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट ने 10 हजार डोज खरीदा है। एक वायल में 10 डोज रहती है।

दो दिन पहले दिल्ली से मैसेज आया, तब हुई जानकारी
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर शत्रुघ्न दाहिया के मुताबिक वैक्सीनेशन एप पर दो दिन पहले ही उन्हें मैसेज मिला। मैसेज में जबलपुर के मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट को 10 हजार डोज आवंटित करने की जानकारी थी। वे इस नाम को पहली बार सुन रहे थे। दो दिन तक CMHO के माध्यम से इस अस्पताल की जबलपुर में खोज की गई, पर रिकॉर्ड में इस नाम का अस्पताल नहीं मिला। इसकी सूचना भोपाल के अधिकारियों को दी गई है।

वैक्सीन के दुरुपयोग या डंप करने की साजिश से अलर्ट
डॉक्टर दाहिया के मुताबिक भोपाल के अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि जबलपुर में दिखवाएं कि कही किसी प्राइवेट अस्पताल या किसी शरारती तत्व की साजिश तो नहीं है। वैक्सीन के दुुरुपयोग या डंप किए जाने की आशंका को देख अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। उधर, भोपाल के अधिकारियों ने सीरम इंस्टीट्यूट से भी इस अस्पताल के बारे में और अधिक ब्यौरा मांगा है। हालांकि अभी तक इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।

निजी अस्पताल को कोवीशील्ड की एक डोज 600 रुपए की दर से मिल रही है।

निजी अस्पताल को कोवीशील्ड की एक डोज 600 रुपए की दर से मिल रही है।

60 लाख रुपए कीमत की है वैक्सीन
अनुबंध के मुताबिक प्राइवेट अस्पतालों को 600 रुपए प्रति डोज की दर से भुगतान करना है। इस तरह 10 हजार डोज के एवज में 60 लाख रुपए का भुगतान किया गया होगा। अब सवाल ये उठ रहा है कि इतनी बड़ी राशि लगाने वाले अस्पताल ने फर्जी एड्रेस क्यों लिखवाया है। इसी सवाल ने सभी को परेशान कर रखा है। जिला टीकाकरण अधिकारी शत्रुघ्न दाहिया के मुताबिक प्रकरण की जानकारी जबलपुर से लेकर भोपाल और दिल्ली के अधिकारियों को दी गई है। अभी तक इस अस्पताल के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है।

केंद्र और सीरम इंस्टीट्यूट के बीच ये हुआ है अनुबंध
कोवीशील्ड वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट और केंद्र सरकार के बीच वैक्सीन खरीदने के लिए जो अनुबंध हुआ है, उसके अनुसार राज्य सरकार को प्रति डोज 400 रुपए, प्राइवेट अस्पताल को 600 रुपए और केंद्र सरकार को 150 रुपए प्रति डोज के हिसाब से वैक्सीन मिलना है। दो दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने नई घोषणा की है, इसके मुताबिक अब केंद्र सरकार 75% वैक्सीन खुद खरीदेगी। 25% वैक्सीन प्राइवेट अस्पतालों को सीधे खरीदने की छूट दी गई है। पीएम ने निजी अस्पतालों को कीमत के अलावा अब 150 रुपए अधिकतम सर्विस चार्ज लेने की अनुमति दी है।

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