US के डिफेंस मिनिस्टर की पहली विदेश यात्रा: 3 दिन के भारत दौरे पर आए लॉयड ऑस्टिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे; डिफेंस डील पर बातचीत मुमकिन


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नई दिल्ली3 घंटे पहलेलेखक: वॉशिंगटन से रोहित शर्मा

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अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन शुक्रवार शाम भारत पहुंचे। वे भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे।

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन तीन दिन की यात्रा पर शुक्रवार शाम करीब 5 बजे भारत पहुंचे। पद संभालने के बाद ये उनकी पहली विदेश यात्रा है। वे 21 मार्च तक भारत के दौरे पर रहेंगे। ऑस्टिन भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे। इस बातचीत में डिफेंस डील पर भी सहमति बन सकती है। ऑस्टिन और राजनाथ सिंह के बीच इंडो पैसिफिक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।

लॉयड ऑस्टिन भारत यात्रा में इनसे मुलाकात करेंगे
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी ऑस्टिन की मुलाकात हो सकती है।
2.ऑस्टिन और NSA अजीत डोभाल रीजनल सिक्योरिटी पर बात कर सकते हैं।
3. ऑस्टिन भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से कई मुद्दों पर बात करेंगे।

रूस से S-400 डील का मुद्दा उठा सकते हैं ऑस्टिन
अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंधी समिति के अध्यक्ष बॉब मेनेंडेज ने ऑस्टिन के भारत दौरे से पहले उन्हें एक लेटर लिखा। इस पर विवाद शुरू हो गया है। मेनेंडेज ने पत्र में ऑस्टिन से भारत की यात्रा के बीच S-400 डील का मुद्दा उठाने के लिए कहा है।

मेनेंडेज ने पत्र में लिखा है कि आप भारतीय अधिकारियों को ये स्प्ष्ट तौर पर बता दें कि US को भारत और रूस की ये डील पसंद नहीं है। इसके बाद भी यदि भारत रूस से S-400 खरीदता है तो उस पर CAATSA (काउंटिंग अमेरिका एडवर्सरीज फॉर सेक्शन) के तहत प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इससे अमेरिका और भारत के बीच मिलिटरी टेक्नॉलॉजी के लिए चल रहा डेवलपमेंट भी धीमा हो जाएगा।

दरअसल, अमेरिकी कंपनी बोइंग और लॉकहेड भी अपने लड़ाकू विमान भारत को बेचना चाहती हैं, जिसके चलते US रूस के साथ हुई भारत की S-400 की डील को रोकना चाहता है।

बाइडेन के बयानों में अब तक 90 बार आ चुका है इंडो-पैसिफिक शब्द

  • दो दिन के दौरे में ऑस्टिन प्रधानमंत्री मोदी के साथ भी चर्चा करेंगे। वे किसी भारतीय थिंक टैंक के मंच से अमेरिका और भारत की बढ़ती सैन्य मैत्री और विश्व के सामने नई चुनौतियों पर अपने विचार भी रख सकते हैं।
  • बैठक के दौरान अमेरिका कश्मीर, मानवाधिकार जैसे मुद्दे से दूरी बनाए रखेगा, जिससे दोनों देशों के रिश्ते अहसज न हों।
  • बाइडेन भी भारत के साथ मजबूत रिश्ते चाहते हैं। बाइडेन के शपथ ग्रहण से लेकर अब तक व्हाइट हाउस, अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट और रक्षा विभाग अपने बयानों में इंडो-पैसिफिक शब्द का इस्तेमाल 90 बार कर चुके हैं।

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